यदि तू जाकर पुरुषार्थ करे; और युद्ध के लिये हियाव बाँधे, तौभी परमेश्वर तुझे शत्रुओं के सामने गिराएगा, क्योंकि सहायता करने और गिरा देने दोनों में परमेश्वर सामर्थी है।”