इसलिये सुलैमान ने सत्तर हज़ार बोझा ढोनेवाले और अस्सी हज़ार पहाड़ से पत्थर काटनेवाले और वृक्ष काटनेवाले, और इन पर तीन हज़ार छ: सौ मुखिये गिनती करके ठहराए।