तब हीराम ने सुलैमान के पास यों कहला भेजा, “जो तू ने मेरे पास कहला भेजा है वह मेरी समझ में आ गया, देवदारु और सनोवर की लकड़ी के विषय जो कुछ तू चाहे, वही मैं करूँगा।