और वह तो यह कहकर उस पर कुकर्म का दोष लगाता है, कि मैं ने तेरी बेटी में कुँवारीपन के लक्षण नहीं पाए। परन्तु मेरी बेटी के कुँवारीपन के चिह्न ये हैं।’ तब उसके माता–पिता नगर के वृद्ध लोगों के सामने उस चद्दर को फैलाएँ।