और उनके साथ ये अर्घ हों; अर्थात् बछड़े पीछे आध हीन, मेढ़े के साथ तिहाई हीन, और भेड़ के बच्चे पीछे चौथाई हीन दाखमधु दिया जाए; वर्ष के सब महीनों में से प्रत्येक महीने का यही होमबलि ठहरे।