क्या हम तुझ से मिस्र में यही बात न कहते रहे कि हमें रहने दे कि हम मिस्रियों की सेवा करें? हमारे लिये जंगल में मरने की अपेक्षा मिस्रियों की सेवा करना अच्छा था।”