हम अंधों के समान दीवार टटोलते हैं, हाँ, हम बिना आँख के लोगों के समान टटोलते हैं; हम दिन–दोपहर रात के समान ठोकर खाते हैं, हृष्टपुष्टों के बीच हम मुर्दों के समान हैं।