‘क्या उन्होंने लूट पाकर बाँट नहीं ली? क्या एक एक पुरुष को एक एक वरन् दो दो कुँवारियाँ; और सीसरा को रंगे हुए वस्त्र की लूट, वरन् बूटे काढ़े हुए रंगीले वस्त्र की लूट, और लूटे हुओं के गले में दोनों ओर बूटे काढ़े हुए रंगीले वस्त्र नहीं मिले?’
Go to Home Page