उनमें बड़े बड़े और लम्बे लम्बे लोग अर्थात् अनाकवंशी रहते हैं जिनका हाल तू जानता है, और उनके विषय में तू ने यह सुना है, कि अनाकवंशियों के सामने कौन ठहर सकता है?