‘नि:सन्देह जो मनुष्य मिस्र से निकल आए हैं उनमें से, जितने बीस वर्ष के या उससे अधिक आयु के हैं, वे उस देश को देखने न पाएँगे, जिसके देने की शपथ मैं ने अब्राहम, इसहाक, और याक़ूब से खाई है, क्योंकि वे मेरे पीछे पूरी रीति से नहीं हो लिये;