“हमें अपने देश में से होकर जाने दे; हम मुड़कर किसी खेत या दाख की बारी में न जाएँगे; न किसी कुएँ का पानी पीएँगे; और जब तक तेरे देश से बाहर न हो जाएँ तब तक सड़क ही से चले जाएँगे।”