क्या वे सब उसका दृष्टान्त चलाकर, और उस पर ताना मारकर न कहेंगे, “हाय उस पर जो पराया धन छीन छीनकर धनवान हो जाता है? कब तक? हाय उस पर जो अपना घर बन्धक की वस्तुओं से भर लेता है!”