मैं अपने पहरे पर खड़ा रहूँगा, और गुम्मट पर चढ़कर ठहरा रहूँगा, और ताकता रहूँगा कि मुझ से वह क्या कहेगा? मैं अपने दिए हुए उलाहने के विषय क्या उत्तर दूँ?