तब ढिंढोरिये ने ऊँचे शब्द से पुकारकर कहा, “हे देश–देश और जाति–जाति के लोगो, और भिन्न–भिन्न भाषा के बोलनेवालो, तुम को यह आज्ञा सुनाई जाती है कि,