“हे मेरे प्रभु, ऐसा नहीं, मेरी सुन; वह भू्मि मैं तुझे देता हूँ, और उसमें जो गुफ़ा है, वह भी मैं तुझे देता हूँ; अपने जातिभाइयों के सम्मुख मैं उसे तुझ को दिए देता हूँ; अत: अपने मृतक को क़ब्र में रख।”