मोर्दकै ने राजा क्षयर्ष के नाम से चिट्ठियाँ लिखाकर, और उन पर राजा की अँगूठी की छाप लगाकर, वेग चलनेवाले सरकारी घोड़ों, खच्चरों, ऊँटों, और साँड़नियों पर सवार हरकारों के हाथ भेज दीं।