तराई के फाटक की मरम्मत हानून और जानोह के निवासियों ने की; उन्होंने उसको बनाया, और उसके ताले, बेंड़े और पल्ले लगाए, और हज़ार हाथ की शहरपनाह को भी अर्थात् कूड़ाफाटक तक बनाया।