धन्य और पवित्र वह है, जो इस पहले पुनरुत्थान का भागी है। ऐसों पर दूसरी मृत्यु का कुछ भी अधिकार नहीं, पर वे परमेश्वर और मसीह के याजक होंगे और उसके साथ हज़ार वर्ष तक राज्य करेंगे।