और उसे अथाह–कुंड में डालकर बन्द कर दिया और उस पर मुहर लगा दी कि वह हज़ार वर्ष के पूरे होने तक जाति जाति के लोगों को फिर न भरमाए। इसके बाद अवश्य है कि वह थोड़ी देर के लिये फिर खोला जाए।