ये तो असंतुष्ट, कुड़कुड़ानेवाले, और अपनी अभिलाषाओं के अनुसार चलनेवाले हैं, और अपने मुँह से घमण्ड की बातें बोलते हैं, और वे लाभ के लिये मुँह देखी बड़ाई किया करते हैं।