मैं प्रभु पर तुम्हारे विषय में भरोसा रखता हूँ कि तुम्हारा कोई दूसरा विचार न होगा; परन्तु जो तुम्हें घबरा देता है, वह कोई क्यों न हो दण्ड पाएगा।