हे भाइयो, मैं नहीं चाहता कि तुम इससे अनजान रहो कि मैं ने बार–बार तुम्हारे पास आना चाहा, कि जैसा मुझे दूसरी अन्यजातियों में फल मिला, वैसा ही तुम में भी मिले, परन्तु अब तक रोका गया।