तब उस आराधनालय में से जो लिबिरतीनों की कहलाती थी, और कुरेनी और सिकन्दरिया और किलिकिया और एशिया के लोगों में से कई एक उठकर स्तिफनुस से वाद–विवाद करने लगे।