ಕನ್ನಡ ಸತ್ಯವೇದವು
पुराना नियम
यिर्मयाह
अध्याय 29
- Verse 1: उसी वर्ष यिर्मयाह नबी ने इस आशय की पत्री, उन पुरनियों और भविष्यद्वक्ताओं और साधारण लोगों के पास भेजी जो बन्दियों में से बचे थे, जिनको नबूकदनेस्सर यरूशलेम से बेबीलोन को ले गया था।
- Verse 2: यह पत्री उस समय भेजी गई, जब यकोन्याह राजा और राजमाता, खोजे, यहूदा और यरूशलेम के हाकिम, लोहार और अन्य कारीगर यरूशलेम से चले गए थे।
- Verse 3: यह पत्री शापान के पुत्र एलासा और हिल्किय्याह के पुत्र गमर्याह के हाथ भेजी गई, जिन्हें यहूदा के राजा सिदकिय्याह ने बेबीलोन के राजा नबूकदनेस्सर के पास बेबीलोन को भेजा।
- Verse 4: उस में लिखा था : “जितने लोगों को मैं ने यरूशलेम से बन्दी करके बेबीलोन में पहुँचवा दिया है, उन सभों से इस्राएल का परमेश्वर सेनाओं का यहोवा यों कहता है :
- Verse 5: घर बनाकर उनमें बस जाओ; बारियाँ लगाकर उनके फल खाओ।
- Verse 6: विवाह करके बेटे–बेटियाँ जन्माओ; और अपने बेटों के लिये स्त्रियाँ ब्याह लो और अपनी बेटियाँ पुरुषों को ब्याह दो, कि वे भी बेटे–बेटियाँ जन्माएँ; और वहाँ घटो नहीं वरन् बढ़ते जाओ।
- Verse 7: परन्तु जिस नगर में मैं ने तुम को बन्दी कराके भेज दिया है, उसके कुशल का यत्न किया करो, और उसके हित के लिये यहोवा से प्रार्थना किया करो। क्योंकि उसके कुशल से तुम भी कुशल के साथ रहोगे।
- Verse 8: क्योंकि इस्राएल का परमेश्वर, सेनाओं का यहोवा तुम से यों कहता है कि तुम्हारे जो भविष्यद्वक्ता और भावी कहनेवाले तुम्हारे बीच में हैं, वे तुम को बहकाने न पाएँ, और जो स्वप्न वे तुम्हारे निमित्त देखते हैं, उनकी ओर कान मत धरो,
- Verse 9: क्योंकि वे मेरे नाम से तुम को झूठी भविष्यद्वाणी सुनाते हैं; मैं ने उन्हें नहीं भेजा, मुझ यहोवा की यह वाणी है।
- Verse 10: “यहोवा यों कहता है : बेबीलोन के सत्तर वर्ष पूरे होने पर मैं तुम्हारी सुधि लूँगा, और अपना यह मनभावना वचन कि मैं तुम्हें इस स्थान में लौटा ले आऊँगा, पूरा करूँगा।
- Verse 11: क्योंकि यहोवा की यह वाणी है, कि जो कल्पनाएँ मैं तुम्हारे विषय करता हूँ उन्हें मैं जानता हूँ, वे हानि की नहीं, वरन् कुशल ही की हैं, और अन्त में तुम्हारी आशा पूरी करूँगा।
- Verse 12: तब उस समय तुम मुझ को पुकारोगे और आकर मुझ से प्रार्थना करोगे और मैं तुम्हारी सुनूँगा।
- Verse 13: तुम मुझे ढूँढ़ोगे और पाओगे भी; क्योंकि तुम अपने सम्पूर्ण मन से मेरे पास आओगे।
- Verse 14: मैं तुम्हें मिलूँगा, यहोवा की यह वाणी है, और बँधुआई से लौटा ले आऊँगा; और तुम को उन सब जातियों और स्थानों में से जिनमें मैं ने तुम को जबरन निकाल दिया है, और तुम्हें इकट्ठा करके इस स्थान में लौटा ले आऊँगा जहाँ से मैं ने तुम्हें बन्दी करवाके निकाल दिया था, यहोवा की यही वाणी है।
- Verse 15: “तुम कहते तो हो कि यहोवा ने हमारे लिये बेबीलोन में भविष्यद्वक्ता प्रगट किए हैं।
- Verse 16: परन्तु जो राजा दाऊद की गद्दी पर विराजमान है, और जो प्रजा इस नगर में रहती है, अर्थात् तुम्हारे जो भाई तुम्हारे संग बँधुआई में नहीं गए, उन सभों के विषय सेनाओं का यहोवा यह कहता है :
- Verse 17: सुनो, मैं उनके बीच तलवार चलाऊँगा और महँगी करूँगा, और मरी फैलाऊँगा; और उन्हें ऐसे घिनौने अंजीरों के समान करूँगा जो निकम्मे होने के कारण खाए नहीं जाते।
- Verse 18: मैं तलवार, महँगी और मरी लिए हुए उनका पीछा करूँगा, और ऐसा करूँगा कि वे पृथ्वी के राज्य राज्य में मारे मारे फिरेंगे, और उन सब जातियों में जिनके बीच मैं उन्हें जबरन कर दूँगा, उनकी ऐसी दशा करूँगा कि लोग उन्हें देखकर चकित होंगे और ताली बजाएँगे और उनका अपमान करेंगे, और उनकी उपमा देकर शाप दिया करेंगे।
- Verse 19: क्योंकि जो वचन मैं ने अपने दास भविष्यद्वक्ताओं के द्वारा उनके पास बड़ा यत्न करके कहला भेजे हैं, उनको उन्होंने नहीं सुना, यहोवा की यही वाणी है।
- Verse 20: “इसलिये हे सारे बन्दियो, जिन्हें मैं ने यरूशलेम से बेबीलोन को भेजा है, तुम उसका यह वचन सुनो :
- Verse 21: ‘कोलायाह का पुत्र अहाब और मासेयाह का पुत्र सिदकिय्याह जो मेरे नाम से तुम को झूठी भविष्यद्वाणी सुनाते हैं, उनके विषय इस्राएल का परमेश्वर सेनाओं का यहोवा यों कहता है : सुनो, मैं उनको बेबीलोन के राजा नबूकदनेस्सर के हाथ में कर दूँगा, और वह उनको तुम्हारे सामने मार डालेगा।
- Verse 22: सब यहूदी बन्दी जो बेबीलोन में रहते हैं, उनकी उपमा देकर यह शाप दिया करेंगे : यहोवा तुझे सिदकिय्याह और अहाब के समान करे, जिन्हें बेबीलोन के राजा ने आग में भून डाला,
- Verse 23: क्योंकि उन्होंने इस्राएलियों में मूढ़ता के काम किए, अर्थात् अपने पड़ोसियों की स्त्रियों के साथ व्यभिचार किया, और बिना मेरी आज्ञा पाए मेरे नाम से झूठे वचन कहे। इसका जाननेवाला और गवाह मैं आप ही हूँ, यहोवा की यही वाणी है।’ ”
- Verse 24: नेहेलामी शमायाह से तू यह कह, “इस्राएल के परमेश्वर यहोवा ने यों कहा है :
- Verse 25: इसलिये कि तू ने यरूशलेम के सब रहनेवालों और सब याजकों को और मासेयाह के पुत्र सपन्याह याजक को अपने ही नाम की इस आशय की पत्री भेजी,
- Verse 26: कि ‘यहोवा ने यहोयादा याजक के स्थान पर तुझे याजक ठहरा दिया ताकि तू यहोवा के भवन में रखवाला होकर जितने वहाँ पागलपन करते और भविष्यद्वक्ता बन बैठे हैं उन्हें काठ में ठोंके और उनके गले में लोहे के पट्टे डाले।
- Verse 27: इसलिये यिर्मयाह अनातोती जो तुम्हारा भविष्यद्वक्ता बन बैठा है, उसको तू ने क्यों नहीं घुड़का?
- Verse 28: उसने तो हम लोगों के पास बेबीलोन में यह कहला भेजा है कि बँधुआई तो बहुत काल तक रहेगी, इसलिये घर बनाकर उनमें रहो, और बारियाँ लगाकर उनके फल खाओ।’ ”
- Verse 29: यह पत्री सपन्याह याजक ने यिर्मयाह भविष्यद्वक्ता को पढ़ सुनाई।
- Verse 30: तब यहोवा का यह वचन यिर्मयाह के पास पहुँचा : “सब बन्दियों के पास यह कहला भेज,
- Verse 31: यहोवा नेहेलामी शमायाह के विषय यों कहता है : ‘शमायाह ने मेरे बिना भेजे तुम से जो भविष्यद्वाणी की और तुम को झूठ पर भरोसा दिलाया है,
- Verse 32: इसलिये यहोवा यों कहता है : सुनो, मैं उस नेहेलामी शमायाह और उसके वंश को दण्ड देने पर हूँ; उसके घर में से कोई इन प्रजाओं में न रह जाएगा। जो भलाई मैं अपनी प्रजा की करनेवाला हूँ, उसको वह देखने न पाएगा, क्योंकि उसने यहोवा से फिर जाने की बातें कही हैं, यहोवा की यही वाणी है।’ ”