ಕನ್ನಡ ಸತ್ಯವೇದವು
पुराना नियम
यहोशू
अध्याय 21
- Verse 1: तब लेवियों के पूर्वजों के घरानों के मुख्य मुख्य पुरुष एलीआज़ार याजक, और नून के पुत्र यहोशू, और इस्राएली गोत्रों के पूर्वजों के घरानों के मुख्य मुख्य पुरुषों के पास आकर
- Verse 2: कनान देश के शीलो नगर में कहने लगे, “यहोवा ने मूसा के द्वारा हमें बसने के लिये नगर, और हमारे पशुओं के लिये उन्हीं नगरों की चराइयाँ भी देने की आज्ञा दी थी।”
- Verse 3: तब इस्राएलियों ने यहोवा के कहने के अनुसार अपने अपने भाग में से लेवियों को चराइयों समेत ये नगर दिए।
- Verse 4: तब कहातियों के कुलों के नाम पर चिट्ठी निकली। इसलिये लेवियों में से हारून याजक के वंश को यहूदी, शिमोन, और बिन्यामीन के गोत्रों के भागों में से तेरह नगर मिले।
- Verse 5: बाकी कहातियों को एप्रैम के गोत्र के कुलों, और दान के गोत्र, और मनश्शे के आधे गोत्र के भागों में से चिट्ठी डाल डालकर दस नगर दिए गए।
- Verse 6: फिर गेर्शोनियों को इस्साकार के गोत्र के कुलों, और आशेर, और नप्ताली के गोत्रों के भागों में से, और मनश्शे के उस आधे गोत्र के भागों में से भी जो बाशान में था चिट्ठी डाल डालकर तेरह नगर दिए गए।
- Verse 7: कुलों के अनुसार मरारियों को रूबेन, गाद, और जबूलून के गोत्रों के भागों में से बारह नगर दिए गए।
- Verse 8: जो आज्ञा यहोवा ने मूसा के द्वारा दी थी उसके अनुसार इस्राएलियों ने लेवियों को चराइयों समेत ये नगर चिट्ठी डाल डालकर दिए।
- Verse 9: उन्होंने यहूदियों और शिमोनियों के गोत्रों के भागों में से ये नगर जिनके नाम लिखे हैं दिए;
- Verse 10: ये नगर लेवीय कहाती कुलों में से हारून के वंश के लिये थे; क्योंकि पहली चिट्ठी उन्हीं के नाम पर निकली थी।
- Verse 11: अर्थात् उन्होंने उनको यहूदा के पहाड़ी देश में चारों ओर की चराइयों समेत किर्यतर्बा नगर दे दिया, जो अनाक के पिता अर्बा के नाम पर कहलाया और हेब्रोन भी कहलाता है।
- Verse 12: परन्तु उस नगर के खेत और उसके गाँव उन्होंने यपुन्ने के पुत्र कालेब को उसकी निज भूमि करके दे दिए।
- Verse 13: तब उन्होंने हारून याजक के वंश को चराइयों समेत खूनी के शरण नगर हेब्रोन, और अपनी अपनी चराइयों समेत लिब्ना,
- Verse 14: यत्तीर, एश्तमो,
- Verse 15: होलोन, दबीर,
- Verse 16: ऐन, युत्ता और बेतशेमेश दिए; इस प्रकार उन दोनों गोत्रों के भागों में से नौ नगर दिए गए।
- Verse 17: और बिन्यामीन के गोत्र के भाग में से अपनी अपनी चराइयों समेत ये चार नगर दिए गए, अर्थात् गिबोन, गेबा,
- Verse 18: अनातोत और अल्मोन।
- Verse 19: इस प्रकार हारूनवंशी याजकों को तेरह नगर और उनकी चराइयाँ मिलीं।
- Verse 20: फिर बाकी कहाती लेवियों के कुलों के भाग के नगर चिट्ठी डाल डालकर एप्रैम के गोत्र के भाग में से दिए गए।
- Verse 21: अर्थात् उनको चराइयों समेत एप्रैम के पहाड़ी देश में खूनी के शरण लेने का शकेम नगर दिया गया, फिर अपनी अपनी चराइयों समेत गेजेर,
- Verse 22: किबसैम, और बेथोरोन; ये चार नगर दिए गए।
- Verse 23: और दान के गोत्र के भाग में से अपनी अपनी चराइयों समेत, एलतके, गिब्बतोन,
- Verse 24: अय्यालोन, और गत्रिम्मोन; ये चार नगर दिए गए।
- Verse 25: और मनश्शे के आधे गोत्र के भाग में से अपनी अपनी चराइयों समेत तानाक और गत्रिम्मोन; ये दो नगर दिए गए।
- Verse 26: इस प्रकार बाकी कहातियों के कुलों के सब नगर चराइयों समेत दस ठहरे।
- Verse 27: फिर लेवियों के कुलों में के गेर्शोनियों को मनश्शे के आधे गोत्र के भाग में से अपनी अपनी चराइयों समेत खूनी के शरण नगर बाशान का गोलान और बेशतरा; ये दो नगर दिए गए।
- Verse 28: और इस्साकार के गोत्र के भाग में से अपनी अपनी चराइयों समेत किश्योन, दाबरत,
- Verse 29: यर्मूत, और एनगन्नीम; ये चार नगर दिए गए।
- Verse 30: और आशेर के गोत्र के भाग में से अपनी अपनी चराइयों समेत मिशाल, अब्दोन,
- Verse 31: हेल्कात, और रहोब; ये चार नगर दिए गए।
- Verse 32: और नप्ताली के गोत्र के भाग में से अपनी अपनी चराइयों समेत खूनी के शरण नगर गलील का केदेश, फिर हम्मोतदोर, और कर्तान; ये तीन नगर दिए गए।
- Verse 33: गेर्शोनियों के कुलों के अनुसार उनके सब नगर अपनी अपनी चराइयों समेत तेरह ठहरे।
- Verse 34: फिर बाकी लेवियों, अर्थात् मरारियों के कुलों को जबूलून के गोत्र के भाग में से अपनी अपनी चराइयों समेत योकनाम, कर्ता,
- Verse 35: दिम्ना, और नहलाल; ये चार नगर दिए गए।
- Verse 36: और रूबेन के गोत्र के भाग में से अपनी अपनी चराइयों समेत बेसेर, यहसा,
- Verse 37: कदेमोत, और मेपात; ये चार नगर दिए गए।
- Verse 38: और गाद के गोत्र के भाग में से अपनी अपनी चराइयों समेत खूनी के शरण नगर गिलाद में का रामोत, फिर महनैम,
- Verse 39: हेशबोन, और याजेर, जो सब मिलाकर चार नगर हैं, दिए गए।
- Verse 40: लेवियों के बाकी कुलों अर्थात् मरारियों के कुलों के अनुसार उनके सब नगर ये ही ठहरे, इस प्रकार उनको बारह नगर चिट्ठी डाल डालकर दिए गए।
- Verse 41: इस्राएलियों की निज भूमि के बीच लेवियों के सब नगर अपनी अपनी चराइयों समेत अड़तालीस ठहरे।
- Verse 42: ये सब नगर अपने अपने चारों ओर की चराइयों के साथ ठहरे; इन सब नगरों की यही दशा थी।
- Verse 43: इस प्रकार यहोवा ने इस्राएलियों को वह सारा देश दिया, जिसे उसने उनके पूर्वजों से शपथ खाकर देने को कहा था; और वे उसके अधिकारी होकर उसमें बस गए।
- Verse 44: और यहोवा ने उन सब बातों के अनुसार, जो उसने उनके पूर्वजों से शपथ खाकर कही थीं, उन्हें चारों ओर से विश्राम दिया; और उनके शत्रुओं में से कोई भी उनके सामने टिक न सका; यहोवा ने उन सभों को उनके वश में कर दिया।
- Verse 45: जितनी भलाई की बातें यहोवा ने इस्राएल के घराने से कही थीं उनमें से कोई बात भी न छूटी; सब की सब पूरी हुईं।