P. O. C ബൈബിള്
पुराना नियम
भजन संहिता
अध्याय 21
- Verse 1: हे यहोवा तेरी सामर्थ्य से राजा आनन्दित होगा; और तेरे किए हुए उद्धार से वह अति मगन होगा।
- Verse 2: तू ने उसके मनोरथ को पूरा किया है, और उसके मुँह की विनती को तू ने अस्वीकार नहीं किया। (सेला)
- Verse 3: क्योंकि तू उत्तम आशीषें देता हुआ उससे मिलता है, और तू उसके सिर पर कुन्दन का मुकुट पहिनाता है।
- Verse 4: उसने तुझ से जीवन माँगा, और तू ने जीवनदान दिया; तू ने उसको युगानयुग का जीवन दिया है।
- Verse 5: तेरे उद्धार के कारण उसकी महिमा अधिक है; तू उसको वैभव और ऐश्वर्य से आभूषित कर देता है।
- Verse 6: क्योंकि तू ने उसको सर्वदा के लिये आशीषित किया है; तू अपने सम्मुख उसको हर्ष और आनन्द से भर देता है।
- Verse 7: क्योंकि राजा का भरोसा यहोवा के ऊपर है; और परमप्रधान की करुणा से वह कभी नहीं टलने का।
- Verse 8: तेरा हाथ तेरे सब शत्रुओं को ढूँढ़ निकालेगा, तेरा दाहिना हाथ तेरे सब बैरियों का पता लगा लेगा।
- Verse 9: तू अपने मुख के सम्मुख उन्हें जलते हुए भट्टे के समान जलाएगा। यहोवा अपने क्रोध में उन्हें निगल जाएगा, और आग उनको भस्म कर डालेगी।
- Verse 10: तू उनके फलों को पृथ्वी पर से, और उनके वंश को मनुष्यों में से नष्ट करेगा।
- Verse 11: क्योंकि उन्होंने तेरी हानि ठानी है, उन्होंने ऐसी युक्ति निकाली है जिसे वे पूरी न कर सकेंगे।
- Verse 12: क्योंकि तू अपना धनुष उनके विरुद्ध चढ़ाएगा, और वे पीठ दिखाकर भागेंगे।
- Verse 13: हे यहोवा, अपनी सामर्थ्य में महान् हो! हम गा गाकर तेरे पराक्रम का भजन सुनाएँगे।