ಕನ್ನಡ ಸತ್ಯವೇದವು
पुराना नियम
गिनती
अध्याय 26
- Verse 1: फिर यहोवा ने मूसा और एलीआज़ार नामक हारून याजक के पुत्र से कहा,
- Verse 2: “इस्राएलियों की सारी मण्डली में जितने बीस वर्ष के, या उससे अधिक अवस्था के होने से इस्राएलियों के बीच युद्ध करने के योग्य हैं, उनके पितरों के घरानों के अनुसार उन सभों की गिनती करो।”
- Verse 3: अत: मूसा और एलीआज़ार याजक ने यरीहो के पास यरदन नदी के तट पर मोआब के अराबा में उन को समझाके कहा,
- Verse 4: “बीस वर्ष के और उससे अधिक आयु के लोगों की गिनती लो, जैसा कि यहोवा ने मूसा और इस्राएलियों को मिस्र देश से निकल आने के समय आज्ञा दी थी।”
- Verse 5: रूबेन जो इस्राएल का जेठा था; उसके ये पुत्र थे; अर्थात् हनोक, जिससे हनोकियों का कुल चला; और पल्लू, जिससे पल्लूइयों का कुल चला;
- Verse 6: हेस्रोन, जिससे हेस्रोनियों का कुल चला; और कर्मी, जिससे कर्मियों का कुल चला।
- Verse 7: रूबेनवाले कुल ये ही थे; और इनमें से जो गिने गए वे तैंतालीस हज़ार सात सौ तीस पुरुष थे।
- Verse 8: और पल्लू का पुत्र एलीआब था।
- Verse 9: और एलीआब के पुत्र नमूएल, दातान, और अबीराम थे। ये वही दातान और अबीराम हैं जो सभासद थे; और जिस समय कोरह की मण्डली ने यहोवा से झगड़ा किया था, उस समय उस मण्डली में मिलकर वे भी मूसा और हारून से झगड़े थे;
- Verse 10: और जब उन ढाई सौ मनुष्यों के आग में भस्म हो जाने से वह मण्डली मिट गई, उसी समय पृथ्वी ने मुँह खोलकर कोरह समेत इनको भी निगल लिया; और वे एक दृष्टान्त ठहरे।
- Verse 11: परन्तु कोरह के पुत्र नहीं मरे थे।
- Verse 12: शिमोन के पुत्र जिनसे उनके कुल निकले वे ये थे; अर्थात् नमूएल, जिससे नमूएलियों का कुल चला; और यामीन, जिससे यामीनियों का कुल चला; और याकीन, जिससे याकीनियों का कुल चला;
- Verse 13: और जेरह, जिससे जेरहियों का कुल चला; और शाऊल, जिससे शाऊलियों का कुल चला।
- Verse 14: शिमोनवाले कुल ये ही थे; इनमें से बाईस हज़ार दो सौ पुरुष गिने गए।
- Verse 15: गाद के पुत्र जिनसे उनके कुल निकले वे ये थे; अर्थात् सपोन, जिससे सपोनियों का कुल चला; और हाग्गी, जिससे हाग्गियों का कुल चला; और शूनी, जिससे शूनियों का कुल चला; और ओजनी, जिससे ओजनियों का कुल चला;
- Verse 16: और एरी, जिससे एरियों का कुल चला; और अरोद, जिससे अरोदियों का कुल चला;
- Verse 17: और अरेली, जिससे अरेलियों का कुल चला।
- Verse 18: गाद के वंश के कुल ये ही थे; इनमें से साढ़े चालीस हज़ार पुरुष गिने गए।
- Verse 19: यहूदा के एर और ओनान नामक पुत्र तो हुए, परन्तु वे कनान देश में मर गए।
- Verse 20: और यहूदा के जिन पुत्रों से उनके कुल निकले वे ये थे; अर्थात् शेला, जिससे शेलियों का कुल चला; और पेरेस, जिससे पेरेसियों का कुल चला; और जेरह, जिससे जेरहियों का कुल चला।
- Verse 21: और पेरेस के पुत्र ये थे; अर्थात् हेस्रोन, जिससे हेस्रोनियों का कुल चला; और हामूल, जिस से हामूलियों का कुल चला।
- Verse 22: यहूदियों के कुल ये ही थे; इनमें से साढ़े छिहत्तर हज़ार पुरुष गिने गए।
- Verse 23: इस्साकार के पुत्र जिनसे उनके कुल निकले वे ये थे; अर्थात् तोला, जिससे तोलियों का कुल चला; और पुव्वा, जिससे पुव्वियों का कुल चला;
- Verse 24: और याशूब, जिससे याशूबियों का कुल चला; और शिम्रोन, जिससे शिम्रोनियों का कुल चला।
- Verse 25: इस्साकारियों के कुल ये ही थे; इनमें से चौंसठ हज़ार तीन सौ पुरुष गिने गए।
- Verse 26: जबूलून के पुत्र जिनसे उनके कुल निकले वे ये थे; अर्थात् सेरेद, जिससे सेरेदियों का कुल चला; और एलोन जिससे एलोनियों का कुल चला; और यहलेल, जिससे यहलेलियों का कुल चला।
- Verse 27: जबूलूनियों के कुल ये ही थे; इनमें से साढ़े साठ हज़ार पुरुष गिने गए।
- Verse 28: यूसुफ के पुत्र जिनसे उनके कुल निकले वे मनश्शे और एप्रैम थे।
- Verse 29: मनश्शे के पुत्र ये थे; अर्थात् माकीर, जिससे माकीरियों का कुल चला; और माकीर से गिलाद उत्पन्न हुआ; गिलाद से गिलादियों का कुल चला।
- Verse 30: गिलाद के पुत्र ये थे; अर्थात् ईएजेर, जिससे ईएजेरियों का कुल चला;
- Verse 31: और हेलेक, जिससे हेलेकियों का कुल चला और अस्रीएल, जिससे अस्रीएलियों का कुल चला; और शेकेम, जिससे शेकेमियों का कुल चला; और शमीदा, जिससे शमीदियों का कुल चला;
- Verse 32: और हेपेर, जिससे हपेरियों का कुल चला।
- Verse 33: और हेपेर के पुत्र सलोफाद के बेटे नहीं, केवल बेटियाँ हुईं; इन बेटियों के नाम महला, नोआ, होग्ला, मिल्का, और तिर्सा हैं।
- Verse 34: मनश्शेवाले कुल तो ये ही थे; और इनमें से जो गिने गए वे बावन हज़ार सात सौ पुरुष थे।
- Verse 35: एप्रैम के पुत्र जिनसे उनके कुल निकले वे ये थे; अर्थात् शूतेलह, जिस से शूतेलहियों का कुल चला; और बेकेर, जिससे बेकेरियों का कुल चला; और तहन, जिससे तहनियों का कुल चला।
- Verse 36: और शूतेलह का यह पुत्र हुआ; अर्थात् एरान, जिस से एरानियों का कुल चला।
- Verse 37: एप्रैमियों के कुल ये ही थे; इनमें से साढ़े बत्तीस हज़ार पुरुष गिने गए। अपने कुलों के अनुसार यूसुफ के वंश के लोग ये ही थे।
- Verse 38: बिन्यामीन के पुत्र जिनसे उनके कुल निकले वे ये थे; अर्थात् बेला जिससे बेलियों का कुल चला; और अशबेल, जिससे अशबेलियों का कुल चला; और अहीराम, जिससे अहीरामियों का कुल चला;
- Verse 39: और शपूपाम, जिससे शपूपामियों का कुल चला; और हूपाम, जिससे हूपामियों का कुल चला।
- Verse 40: और बेला के पुत्र अर्द और नामान थे; तथा अर्द से अर्दियों का कुल, और नामान से नामानियों का कुल चला।
- Verse 41: अपने कुलों के अनुसार बिन्यामीनी ये ही थे; और इनमें से जो गिने गए वे पैंतालीस हज़ार छ: सौ पुरुष थे।
- Verse 42: दान का पुत्र जिससे उनका कुल निकला यह था; अर्थात् शूहाम, जिससे शूहामियों का कुल चला। और दान का कुल यही था।
- Verse 43: और शूहामियों में से जो गिने गए उनके कुल में चौंसठ हज़ार चार सौ पुरुष थे।
- Verse 44: आशेर के पुत्र जिनसे उनके कुल निकले वे ये थे; अर्थात् यिम्ना, जिससे यिम्नियों का कुल चला; यिश्री, जिससे यिश्रियों का कुल चला; और बरीआ, जिस से बरीइयों का कुल चला।
- Verse 45: फिर बरीआ के ये पुत्र हुए; अर्थात् हेबेर, जिससे हेबेरियों का कुल चला; और मल्कीएल, जिससे मल्कीएलियों का कुल चला।
- Verse 46: और आशेर की बेटी का नाम सेरह है।
- Verse 47: आशेरियों के कुल ये ही थे; इनमें से तिर्पन हज़ार चार सौ पुरुष गिने गए।
- Verse 48: नप्ताली के पुत्र जिनसे उनके कुल निकले वे ये थे; अर्थात् यहसेल, जिससे यहसेलियों का कुल चला; और गूनी, जिस से गूनियों का कुल चला :
- Verse 49: येसेर, जिससे येसेरियों का कुल चला; और शिल्लेम, जिससे शिल्लेमियों का कुल चला।
- Verse 50: अपने कुलों के अनुसार नप्ताली के कुल ये ही थे; और इनमें से जो गिने गए वे पैंतालीस हज़ार चार सौ पुरुष थे।
- Verse 51: सब इस्राएलियों में से जो गिने गए थे वे ये ही थे; अर्थात् छ: लाख एक हज़ार सात सौ तीस पुरुष थे।
- Verse 52: फिर यहोवा ने मूसा से कहा,
- Verse 53: “इनको, इनकी गिनती के अनुसार, वह भूमि इनका भाग होने के लिये बाँट दी जाए।
- Verse 54: अर्थात् जिस कुल में अधिक हों उनको अधिक भाग, और जिसमें कम हों उनको कम भाग देना; प्रत्येक गोत्र को उसका भाग उसके गिने हुए लोगों के अनुसार दिया जाए।
- Verse 55: तौभी देश चिट्ठी डालकर बाँटा जाए; इस्राएलियों के पितरों के एक एक गोत्र का नाम, जैसे जैसे निकले वैसे वैसे वे अपना अपना भाग पाएँ।
- Verse 56: चाहे बहुतों का भाग हो चाहे थोड़ों का हो, जो जो भाग बाँटे जाएँ वह चिट्ठी डालकर बाँटे जाएँ।”
- Verse 57: फिर लेवियों में से जो अपने कुलों के अनुसार गिने गए वे ये हैं; अर्थात् गेर्शोनियों से निकला हुआ गेर्शोनियों का कुल; कहात से निकला हुआ कहातियों का कुल; और मरारी से निकला हुआ मरारियों का कुल।
- Verse 58: लेवियों के कुल ये हैं; अर्थात् लिब्नियों का, हेब्रोनियों का, महलियों का, मूशियों का, और कोरहियों का कुल। और कहात से अम्राम उत्पन्न हुआ।
- Verse 59: और अम्राम की पत्नी का नाम योकेबेद है, वह लेवी के वंश की थी जो लेवी के वंश में मिस्र देश में उत्पन्न हुई थी; और वह अम्राम से हारून और मूसा और उनकी बहिन मरियम को भी जनी।
- Verse 60: और हारून से नादाब, अबीहू, एलीआज़ार, और ईतामार उत्पन्न हुए।
- Verse 61: नादाब और अबीहू उस समय मर गए थे, जब वे यहोवा के सामने ऊपरी आग ले गए थे।
- Verse 62: सब लेवियों में से जो गिने गये, अर्थात् जितने पुरुष एक महीने के या उससे अधिक आयु के थे, वे तेईस हज़ार थे; वे इस्राएलियों के बीच इसलिये नहीं गिने गए, क्योंकि उनको देश का कोई भाग नहीं दिया गया था।
- Verse 63: मूसा और एलीआज़ार याजक जिन्होंने मोआब के अराबा में यरीहो के पास की यरदन नदी के तट पर इस्राएलियों को गिन लिया, उनके गिने हुए लोग इतने ही थे।
- Verse 64: परन्तु जिन इस्राएलियों को मूसा और हारून याजक ने सीनै के जंगल में गिना था, उनमें से एक भी पुरुष इस समय के गिने हुओं में न था।
- Verse 65: क्योंकि यहोवा ने उनके विषय कहा था, “वे निश्चय जंगल में मर जाएँगे।” इसलिये यपुन्ने के पुत्र कालेब और नून के पुत्र यहोशू को छोड़, उनमें से एक भी पुरुष नहीं बचा।