पवित्र बाइबिल
पुराना नियम
यिर्मयाह
अध्याय 40
- Verse 1: जब अंगरक्षकों के प्रधान नबूजरदान ने यिर्मयाह को रामा में उन सब यरूशलेमी और यहूदी बन्दियों के बीच हथकड़ियों से बन्धा हुआ पाकर जो बेबीलोन जाने को थे छुड़ा लिया, उसके बाद यहोवा का वचन उसके पास पहुँचा।
- Verse 2: अंगरक्षकों के प्रधान नबूजरदान ने यिर्मयाह को उस समय अपने पास बुला लिया, और कहा, “इस स्थान पर यह जो विपत्ति पड़ी है वह तेरे परमेश्वर यहोवा की कही हुई थी।
- Verse 3: जैसा यहोवा ने कहा था वैसा ही उसने पूरा भी किया है, तुम लोगों ने जो यहोवा के विरुद्ध पाप किया और उसकी आज्ञा नहीं मानी, इस कारण तुम्हारी यह दशा हुई है।
- Verse 4: अब मैं तेरी इन हथकड़ियों को काटे देता हूँ, और यदि मेरे संग बेबीलोन में जाना तुझे अच्छा लगे तो चल, वहाँ मैं तुझ पर कृपादृष्टि रखूँगा; और यदि मेरे संग बेबीलोन जाना तुझे न भाए, तो यहीं रह जा। देख, सारा देश तेरे सामने पड़ा है, जिधर जाना तुझे अच्छा और ठीक जँचे उधर ही चला जा।”
- Verse 5: वह वहीं था कि नबूजरदान ने फिर उससे कहा, “गदल्याह जो अहीकाम का पुत्र और शापान का पोता है, जिसको बेबीलोन के राजा ने यहूदा के नगरों पर अधिकारी ठहराया है, उसके पास लौट जा और उसके संग लोगों के बीच रह, या जहाँ कहीं तुझे जाना ठीक जान पड़े वहीं चला जा।” अत: अंगरक्षकों के प्रधान ने उसको भोजन–सामग्री और कुछ द्रव्य भी देकर विदा किया।
- Verse 6: तब यिर्मयाह अहीकाम के पुत्र गदल्याह के पास मिस्पा को गया, और वहाँ उन लोगों के बीच जो देश में रह गए थे, रहने लगा।
- Verse 7: योद्धाओं के जो दल देहात में थे, जब उनके सब प्रधानों ने अपने जनों समेत सुना कि बेबीलोन के राजा ने अहीकाम के पुत्र गदल्याह को देश का अधिकारी ठहराया है, और देश के जिन कंगाल लोगों को वह बेबीलोन को नहीं ले गया, क्या पुरुष, क्या स्त्री, क्या बाल–बच्चे, उन सभों को उसे सौंप दिया है,
- Verse 8: तब नतन्याह का पुत्र इश्माएल, कारेह के पुत्र योहानान, योनातान और तन्हूसेत का पुत्र सरायाह, एपै नतोपावासी के पुत्र और किसी माकावासी का पुत्र याजन्याह अपने जनों समेत गदल्याह के पास मिस्पा में आए।
- Verse 9: गदल्याह जो अहीकाम का पुत्र और शापान का पोता था, उसने उनसे और उनके जनों से शपथ खाकर कहा, “कसदियों के आधीन रहने से मत डरो। इसी देश में रहते हुए बेबीलोन के राजा के आधीन रहो तब तुम्हारा भला होगा।
- Verse 10: मैं तो इसी लिये मिस्पा में रहता हूँ कि जो कसदी लोग हमारे यहाँ आएँ, उनके सामने हाज़िर हुआ करूँ; परन्तु तुम दाखमधु और धूपकाल के फल और तेल को बटोरके अपने बरतनों में रखो और अपने लिये हुए नगरों में बसे रहो।”
- Verse 11: फिर जब मोआबियों, अम्मोनियों, एदोमियों और अन्य सब जातियों के बीच रहनेवाले सब यहूदियों ने सुना कि बेबीलोन के राजा ने यहूदियों में से कुछ लोगों को बचा लिया और उन पर गदल्याह को जो अहीकाम का पुत्र और शापान का पोता है, अधिकारी नियुक्त किया है,
- Verse 12: तब सब यहूदी जिन जिन स्थानों में तितर–बितर हो गए थे, वहाँ से लौटकर यहूदा देश के मिस्पा नगर में गदल्याह के पास आए, और बहुत दाखमधु और धूपकाल के फल बटोरने लगे।
- Verse 13: तब कारेह का पुत्र योहानान और मैदान में रहनेवाले योद्धाओं के सब दलों के प्रधान मिस्पा में गदल्याह के पास आकर कहने लगे,
- Verse 14: “क्या तू जानता है कि अम्मोनियों के राजा बालीस ने नतन्याह के पुत्र इश्माएल को तुझे जान से मारने के लिये भेजा है?” परन्तु अहीकाम के पुत्र गदल्याह ने उनकी प्रतीति न की।
- Verse 15: फिर कारेह के पुत्र योहानान ने गदल्याह से मिस्पा में छिपकर कहा, “मुझे जाकर नतन्याह के पुत्र इश्माएल को मार डालने दे और कोई इसे न जानेगा। वह क्यों तुझे मार डाले, और जितने यहूदी लोग तेरे पास इकट्ठे हुए हैं वे क्यों तितर–बितर हो जाएँ और बचे हुए यहूदी क्यों नष्ट हों?”
- Verse 16: अहीकाम के पुत्र गदल्याह ने कारेह के पुत्र योहानान से कहा, “ऐसा काम मत कर, तू इश्माएल के विषय में झूठ बोलता है।”