P. O. C ബൈബിള്
पुराना नियम
लैव्यव्यवस्था
अध्याय 8
- Verse 1: फिर यहोवा ने मूसा से कहा,
- Verse 2: “तू हारून और उसके पुत्रों के वस्त्रों, और अभिषेक के तेल, और पापबलि के बछड़े, और दोनों मेढ़ों, और अख़मीरी रोटी की टोकरी को
- Verse 3: मिलापवाले तम्बू के द्वार पर ले आ, और वहीं सारी मण्डली को इकट्ठा कर।”
- Verse 4: यहोवा की इस आज्ञा के अनुसार मूसा ने किया; और मण्डली मिलापवाले तम्बू के द्वार पर इकट्ठा हुई।
- Verse 5: तब मूसा ने मण्डली से कहा, “जो काम करने की आज्ञा यहोवा ने दी है वह यह है।”
- Verse 6: फिर मूसा ने हारून और उसके पुत्रों को समीप ले जाकर जल से नहलाया।
- Verse 7: तब उसने उनको अंगरखा पहिनाया, और कटिबन्द लपेटकर बागा पहिना दिया, और एपोद लगाकर एपोद के काढ़े हुए पट्टे से एपोद को बाँधकर कस दिया।
- Verse 8: और उस ने चपरास लगाकर चपरास में ऊरीम और तुम्मीम रख दिए।
- Verse 9: तब उस ने उसके सिर पर पगड़ी बाँधकर पगड़ी के सामने सोने के टीके को, अर्थात् पवित्र मुकुट को लगाया, जिस प्रकार यहोवा ने मूसा को आज्ञा दी थी।
- Verse 10: तब मूसा ने अभिषेक का तेल लेकर निवास का और जो कुछ उसमें था उन सब का भी अभिषेक करके उन्हें पवित्र किया।
- Verse 11: और उस तेल में से कुछ उसने वेदी पर सात बार छिड़का, और कुल सामान समेत वेदी का और पाए समेत हौदी का अभिषेक करके उन्हें पवित्र किया।
- Verse 12: और उसने अभिषेक के तेल में से कुछ हारून के सिर पर डालकर उसका अभिषेक करके उसे पवित्र किया।
- Verse 13: फिर मूसा ने हारून के पुत्रों को समीप ले आकर, अंगरखे पहिनाकर, कटिबन्द बाँध के उनके सिर पर टोपी रख दी, जिस प्रकार यहोवा ने मूसा को आज्ञा दी थी।
- Verse 14: तब वह पापबलि के बछड़े को समीप ले गया; और हारून और उसके पुत्रों ने अपने अपने हाथ पापबलि के बछड़े के सिर पर रखे।
- Verse 15: तब वह बलि किया गया, और मूसा ने लहू लेकर उंगली से वेदी के चारों सींगों पर लगाकर पवित्र किया, और लहू को वेदी के पाए पर उंडेल दिया, और उसके लिये प्रायश्चित्त करके उसको पवित्र किया।
- Verse 16: और मूसा ने अंतड़ियों पर की सब चरबी, और कलेजे पर की झिल्ली, और चरबी समेत दोनों गुर्दों को लेकर वेदी पर जलाया।
- Verse 17: परन्तु बछड़े में से जो कुछ शेष रह गया उसको, अर्थात् गोबर समेत उसकी खाल और मांस को उसने छावनी से बाहर आग में जलाया, जिस प्रकार यहोवा ने मूसा को आज्ञा दी थी।
- Verse 18: फिर वह होमबलि के मेढ़े को समीप ले गया, और हारून और उसके पुत्रों ने अपने अपने हाथ मेढ़े के सिर पर रखे।
- Verse 19: तब वह बलि किया गया, और मूसा ने उसका लहू वेदी पर चारों ओर छिड़का।
- Verse 20: तब मेढ़ा टुकड़े टुकड़े किया गया, और मूसा ने सिर और चरबी समेत टुकड़ों को जलाया।
- Verse 21: तब अंतड़ियाँ और पाँव जल से धोये गए, और मूसा ने पूरे मेढ़े को वेदी पर जलाया, और वह सुखदायक सुगन्ध देने के लिये होमबलि और यहोवा के लिये हव्य हो गया, जिस प्रकार यहोवा ने मूसा को आज्ञा दी थी।
- Verse 22: फिर वह दूसरे मेढ़े को जो संस्कार का मेढ़ा था समीप ले गया, और हारून और उसके पुत्रों ने अपने अपने हाथ मेढ़े के सिर पर रखे।
- Verse 23: तब वह बलि किया गया और मूसा ने उसके लहू में से कुछ लेकर हारून के दाहिने कान के सिरे पर और उसके दाहिने हाथ और दाहिने पाँव के अंगूठों पर लगाया।
- Verse 24: और वह हारून के पुत्रों को समीप ले गया, और लहू में से कुछ एक एक के दाहिने कान के सिरे पर और दाहिने हाथ और दाहिने पाँव के अंगूठों पर लगाया; और मूसा ने लहू को वेदी पर चारों ओर छिड़का।
- Verse 25: और उसने चरबी, और मोटी पूंछ, और अंतड़ियों पर की सब चरबी, और कलेजे पर की झिल्ली समेत दोनों गुर्दे, और दाहिनी जाँघ, ये सब लेकर अलग रखे;
- Verse 26: और अख़मीरी रोटी की टोकरी जो यहोवा के आगे रखी गई थी उसमें से एक रोटी, और तेल से सने हुए मैदे का एक फुलका, और एक रोटी लेकर चरबी और दाहिनी जाँघ पर रख दी;
- Verse 27: और ये सब वस्तुएँ हारून और उसके पुत्रों के हाथों पर धर दी गईं, और हिलाने की भेंट के लिये यहोवा के आगे हिलाई गईं।
- Verse 28: तब मूसा ने उन्हें फिर उनके हाथों पर से लेकर उन्हें वेदी पर होमबलि के ऊपर जलाया, यह सुखदायक सुगन्ध देने के लिये संस्कार की भेंट और यहोवा के लिये हव्य था।
- Verse 29: तब मूसा ने छाती को लेकर हिलाने की भेंट के लिये यहोवा के आगे हिलाया; और संस्कार के मेढ़े में से मूसा का भाग यही हुआ जैसा यहोवा ने मूसा को आज्ञा दी थी।
- Verse 30: तब मूसा ने अभिषेक के तेल और वेदी पर के लहू, दोनों में से कुछ लेकर हारून और उसके वस्त्रों पर, और उसके पुत्रों और उनके वस्त्रों पर भी छिड़का; और उसने वस्त्रों समेत हारून को भी पवित्र किया।
- Verse 31: तब मूसा ने हारून और उसके पुत्रों से कहा, “मांस को मिलापवाले तम्बू के द्वार पर पकाओ, और उस रोटी को जो संस्कार की टोकरी में है वहीं खाओ, जैसा मैं ने आज्ञा दी है कि हारून और उसके पुत्र उसे खाएँ।
- Verse 32: और मांस और रोटी में से जो शेष रह जाए उसे आग में जला देना।
- Verse 33: और जब तक तुम्हारे संस्कार के दिन पूरे न हों तब तक, अर्थात् सात दिन तक मिलापवाले तम्बू के द्वार के बाहर न जाना, क्योंकि वह सात दिन तक तुम्हारा संस्कार करता रहेगा।
- Verse 34: जिस प्रकार आज किया गया है वैसा ही करने की आज्ञा यहोवा ने दी है, जिससे तुम्हारा प्रायश्चित्त किया जाए।
- Verse 35: इसलिये तुम मिलापवाले तम्बू के द्वार पर सात दिन तक दिन रात ठहरे रहना, और यहोवा की आज्ञा को मानना, ताकि तुम मर न जाओ; क्योंकि ऐसी ही आज्ञा मुझे दी गई है।”
- Verse 36: तब यहोवा की इन्हीं सब आज्ञाओं के अनुसार जो उसने मूसा के द्वारा दी थीं, हारून और उसके पुत्रों ने किया।