P. O. C ബൈബിള്
पुराना नियम
यशायाह
अध्याय 49
- Verse 1: हे द्वीपो, मेरी ओर कान लगाकर सुनो; हे दूर दूर के राज्यों के लोगो, ध्यान लगाकर मेरी सुनो। यहोवा ने मुझे गर्भ ही में से बुलाया, जब मैं माता के पेट में था, तब ही उसने मेरा नाम बताया।
- Verse 2: उसने मेरे मुँह को चोखी तलवार के समान बनाया और अपने हाथ की आड़ में मुझे छिपा रखा; उसने मुझ को चमकीला तीर बनाकर अपने तर्कश में गुप्त रखा;
- Verse 3: और मुझ से कहा, “तू मेरा दास इस्राएल है, मैं तुझ में अपनी महिमा प्रगट करूँगा।”
- Verse 4: तब मैं ने कहा, “मैं ने तो व्यर्थ परिश्रम किया, मैं ने व्यर्थ ही अपना बल खो दिया है; तौभी निश्चय मेरा न्याय यहोवा के पास है और मेरे परिश्रम का फल मेरे परमेश्वर के हाथ में है।”
- Verse 5: अब यहोवा जिसने मुझे जन्म ही से इसलिये रचा कि मैं उसका दास होकर याकूब को उसकी ओर लौटा ले आऊँ अर्थात् इस्राएल को उसके पास इकट्ठा करूँ, क्योंकि यहोवा की दृष्टि में मैं आदरयोग्य हूँ और मेरा परमेश्वर मेरा बल है,
- Verse 6: उसी ने मुझ से यह भी कहा है, “यह तो हलकी सी बात है कि तू याकूब के गोत्रों का उद्धार करने और इस्राएल के रक्षित लोगों को लौटा ले आने के लिये मेरा सेवक ठहरे; मैं तुझे जाति–जाति के लिये ज्योति ठहराऊँगा कि मेरा उद्धार पृथ्वी की एक ओर से दूसरी ओर तक फैल जाए।”
- Verse 7: जो मनुष्यों से तुच्छ जाना जाता, जिस से जातियों को घृणा है, और जो अपराधियों का दास है, उससे इस्राएल का छुड़ानेवाला और उसका पवित्र अर्थात् यहोवा यों कहता है, “राजा उसे देखकर खड़े हो जाएँगे और हाकिम दण्डवत् करेंगे; यह यहोवा के निमित्त होगा, जो सच्चा और इस्राएल का पवित्र है और जिस ने तुझे चुन लिया है।”
- Verse 8: यहोवा यों कहता है, “अपनी प्रसन्नता के समय मैं ने तेरी सुन ली, उद्धार करने के दिन मैं ने तेरी सहायता की है; मैं तेरी रक्षा करके तुझे लोगों के लिये एक वाचा ठहराऊँगा, ताकि देश को स्थिर करे और उजड़े हुए स्थानों को उनके अधिकारियों के हाथ में दे दे;
- Verse 9: और, बन्दियों से कहे, ‘बन्दीगृह से निकल आओ;’ और जो अन्धियारे में हैं उनसे कहे, ‘अपने आप को दिखलाओ।’ वे मार्गों के किनारे किनारे पेट भरने पाएँगे, सब मुण्डे टीलों पर भी उनको चराई मिलेगी।
- Verse 10: वे भूखे और प्यासे न होंगे, न लूह और न घाम उन्हें लगेगा, क्योंकि, वह जो उन पर दया करता है, वही उनका अगुवा होगा, और जल के सोतों के पास उन्हें ले चलेगा।
- Verse 11: मैं अपने सब पहाड़ों को मार्ग बना दूँगा, और मेरे राजमार्ग ऊँचे किए जाएँगे।
- Verse 12: देखो, ये दूर से आएँगे, और ये उत्तर और पश्चिम से और सीनियों के देश से आएँगे।”
- Verse 13: हे आकाश, जयजयकार कर, हे पृथ्वी, मगन हो; हे पहाड़ो, गला खोलकर जयजयकार करो! क्योंकि यहोवा ने अपनी प्रजा को शान्ति दी है और अपने दीन लोगों पर दया की है।
- Verse 14: परन्तु सिय्योन ने कहा, “यहोवा ने मुझे त्याग दिया है, मेरा प्रभु मुझे भूल गया है।”
- Verse 15: “क्या यह हो सकता है कि कोई माता अपने दूधपीते बच्चे को भूल जाए और अपने जन्माए हुए लड़के पर दया न करे? हाँ, वह तो भूल सकती है, परन्तु मैं तुझे नहीं भूल सकता।
- Verse 16: देख, मैं ने तेरा चित्र अपनी हथेलियों पर खोदकर बनाया है; तेरी शहरपनाह सदैव मेरी दृष्टि के सामने बनी रहती है।
- Verse 17: तेरे लड़के फुर्ती से आ रहे हैं और खण्डहर बनानेवाले और उजाड़नेवाले तेरे बीच से निकले जा रहे हैं।
- Verse 18: अपनी आँखें उठाकर चारों ओर देख, वे सब के सब इकट्ठे होकर तेरे पास आ रहे हैं। यहोवा की यह वाणी है कि मेरे जीवन की शपथ, तू निश्चय उन सभों को गहने के समान पहिन लेगी, तू दुल्हिन के समान अपने शरीर में उन सब को बाँध लेगी।
- Verse 19: “तेरे जो स्थान सुनसान और उजड़े हैं, और तेरे जो देश खण्डहर ही खण्डहर हैं, उन में अब निवासी न समाएँगे, और तुझे नष्ट करनेवाले दूर हो जाएँगे।
- Verse 20: तेरे पुत्र जो तुझ से ले लिए गए वे फिर तेरे कान में कहने पाएँगे, ‘यह स्थान हमारे लिये छोटा है, हमें और स्थान दे कि उसमें रहें।’
- Verse 21: तब तू मन में कहेगी, ‘किसने इनको मेरे लिये जन्माया? मैं तो पुत्रहीन और बाँझ हो गई थी, दासत्व में और यहाँ वहाँ मैं घूमती रही, इनको किसने पाला? देख, मैं अकेली रह गई थी; फिर ये कहाँ थे?’ ”
- Verse 22: प्रभु यहोवा यों कहता है, “देख, मैं अपना हाथ जाति जाति के लोगों की ओर उठाऊँगा, और देश देश के लोगों के सामने अपना झण्डा खड़ा करूँगा; तब वे तेरे पुत्रों को अपनी गोद में लिए आएँगे, और तेरी पुत्रियों को अपने कन्धे पर चढ़ाकर तेरे पास पहुँचाएँगे।
- Verse 23: राजा तेरे बच्चों के निज–सेवक और उनकी रानियाँ दूध पिलाने के लिये तेरी धाइयाँ होंगी। वे अपनी नाक भूमि पर रगड़कर तुझे दण्डवत् करेंगे और तेरे पाँवों की धूल चाटेंगे। तब तू यह जान लेगी कि मैं ही यहोवा हूँ; मेरी बाट जोहनेवाले कभी लज्जित न होंगे।”
- Verse 24: क्या वीर के हाथ से शिकार छीना जा सकता है? क्या दुष्ट के बन्दी छुड़ाए जा सकते हैं?
- Verse 25: तौभी यहोवा यों कहता है, “हाँ, वीर के बन्दी उस से छीन लिए जाएँगे, और दुष्ट का शिकार उसके हाथ से छुड़ा लिया जाएगा, क्योंकि जो तुझ से लड़ते हैं उन से मैं आप मुक़द्दमा लड़ूँगा, और तेरे बाल–बच्चों का मैं उद्धार करूँगा।
- Verse 26: जो तुझ पर अन्धेर करते हैं उनको मैं उन्हीं का मांस खिलाऊँगा, और वे अपना लहू पीकर ऐसे मतवाले होंगे जैसे नये दाखमधु से होते हैं। तब सब प्राणी जान लेंगे कि तेरा उद्धारकर्ता यहोवा और तेरा छुड़ानेवाला, याकूब का शक्तिमान मैं ही हूँ।”