P. O. C ബൈബിള്
पुराना नियम
भजन संहिता
अध्याय 48
1 : हमारे परमेश्वर के नगर में, और अपने पवित्र पर्वत पर यहोवा महान् और अति स्तुति के योग्य है!
2 : सिय्योन पर्वत ऊँचाई में सुन्दर और सारी पृथ्वी के हर्ष का कारण है, राजाधिराज का नगर उत्तरी सिरे पर है।
3 : उसके महलों में परमेश्वर ऊँचा गढ़ माना गया है।
4 : क्योंकि देखो, राजा लोग इकट्ठे हुए, वे एक संग आगे बढ़ गए।
5 : उन्होंने आप ही देखा और देखते ही विस्मित हुए, वे घबराकर भाग गए।
6 : वहाँ कँपकँपी ने उनको आ पकड़ा, और ज़च्चा की सी पीड़ाएँ उन्हें होने लगी।
7 : तू पूर्वी वायु से तर्शीश के जहाजों को तोड़ डालता है।
8 : सेनाओं के यहोवा के नगर में, अपने परमेश्वर के नगर में, जैसा हम ने सुना था, वैसा देखा भी है; परमेश्वर उसको सदा दृढ़ और स्थिर रखेगा। (सेला)
9 : हे परमेश्वर, हम ने तेरे मन्दिर के भीतर तेरी करुणा पर ध्यान किया है।
10 : हे परमेश्वर, तेरे नाम के योग्य तेरी स्तुति पृथ्वी की छोर तक होती है। तेरा दाहिना हाथ धर्म से भरा है;
11 : तेरे न्याय के कामों के कारण सिय्योन पर्वत आनन्द करे, और यहूदा के नगर की पुत्रियाँ मगन हों!
12 : सिय्योन के चारों ओर चलो, और उसकी परिक्रमा करो, उसके गुम्मटों को गिन लो,
13 : उसकी शहरपनाह पर दृष्टि लगाओ, उसके महलों को ध्यान से देखो; जिससे कि तुम आनेवाली पीढ़ी के लोगों से इस बात का वर्णन कर सको।
14 : क्योंकि यह परमेश्वर सदा सर्वदा हमारा परमेश्वर है, वह मृत्यु तक हमारी अगुवाई करेगा।