P. O. C ബൈബിള്
पुराना नियम
लैव्यव्यवस्था
अध्याय 4
- Verse 1: फिर यहोवा ने मूसा से कहा,
- Verse 2: “इस्राएलियों से यह कह कि यदि कोई मनुष्य उन कामों में से जिनको यहोवा ने मना किया है, किसी काम को भूल से करके पापी हो जाए;
- Verse 3: और यदि अभिषिक्त याजक ऐसा पाप करे जिससे प्रजा दोषी ठहरे, तो अपने पाप के कारण वह एक निर्दोष बछड़ा यहोवा को पापबलि करके चढ़ाए।
- Verse 4: वह उस बछड़े को मिलापवाले तम्बू के द्वार पर यहोवा के आगे ले जाकर उसके सिर पर हाथ रखे, और उस बछड़े को यहोवा के सामने बलि करे।
- Verse 5: और अभिषिक्त याजक बछड़े के लहू में से कुछ लेकर मिलापवाले तम्बू में ले जाए;
- Verse 6: और याजक अपनी उंगली लहू में डुबो–डुबोकर और उसमें से कुछ लेकर पवित्रस्थान के बीचवाले परदे के आगे यहोवा के सामने सात बार छिड़के।
- Verse 7: और याजक उस लहू में से कुछ और लेकर सुगन्धित धूप की वेदी के सींगों पर जो मिलापवाले तम्बू में है यहोवा के सामने लगाए; फिर बछड़े के सब लहू को वेदी के पाए पर जो मिलापवाले तम्बू के द्वार पर है उंडेल दे।
- Verse 8: फिर वह पापबलि के बछड़े की सब चरबी को उससे अलग करे, अर्थात् जिस चरबी से अंतड़ियाँ ढपी रहती हैं, और जितनी चरबी उनमें लिपटी रहती है,
- Verse 9: और दोनों गुर्दे और उनके ऊपर की चरबी जो कमर के पास रहती है, और गुर्दों समेत कलेजे के ऊपर की झिल्ली, इन सभों को वह ऐसे अलग करे,
- Verse 10: जैसे मेलबलिवाले चढ़ावे के बछड़े से अलग किए जाते हैं, और याजक इनको होमबलि की वेदी पर जलाए।
- Verse 11: परन्तु उस बछड़े की खाल, पाँव, सिर, अंतड़ियाँ, गोबर,
- Verse 12: और सारा मांस, अर्थात् समूचा बछड़ा छावनी से बाहर शुद्ध स्थान में, जहाँ राख डाली जाएगी, ले जाकर लकड़ी पर रखकर आग से जलाए; जहाँ राख डाली जाती है वह वहीं जलाया जाए।
- Verse 13: “यदि इस्राएल की सारी मण्डली अज्ञानता के कारण पाप करे और वह बात मण्डली की आँखों से छिपी हो, और वे यहोवा की किसी आज्ञा के विरुद्ध कुछ करके दोषी ठहरे हों;
- Verse 14: तो जब उनका किया हुआ पाप प्रगट हो जाए तब मण्डली एक बछड़े को पापबलि करके चढ़ाए। वह उसे मिलापवाले तम्बू के आगे ले जाए,
- Verse 15: और मण्डली के वृद्ध लोग अपने अपने हाथों को यहोवा के आगे बछड़े के सिर पर रखें, और वह बछड़ा यहोवा के सामने बलि किया जाए।
- Verse 16: तब अभिषिक्त याजक बछड़े के लहू में से कुछ मिलापवाले तम्बू में ले जाए;
- Verse 17: और याजक अपनी उंगली लहू में डुबो–डुबोकर उसे बीचवाले परदे के आगे सात बार यहोवा के सामने छिड़के।
- Verse 18: और उसी लहू में से वेदी के सींगों पर जो यहोवा के आगे मिलापवाले तम्बू में है लगाए; और बचा हुआ सब लहू होमबलि की वेदी के पाए पर जो मिलापवाले तम्बू के द्वार पर है उंडेल दे।
- Verse 19: और वह बछड़े की कुल चरबी निकालकर वेदी पर जलाए।
- Verse 20: जैसे पापबलि के बछड़े से किया था वैसे ही इस से भी करे; इस भाँति याजक इस्राएलियों के लिये प्रायश्चित्त करे, तब उनका वह पाप क्षमा किया जाएगा।
- Verse 21: और वह बछड़े को छावनी से बाहर ले जाकर उसी भाँति जलाए जैसे पहले बछड़े को जलाया था; यह मण्डली के निमित्त पापबलि ठहरेगा।
- Verse 22: “जब कोई प्रधान पुरुष पाप करके, अर्थात् अपने परमेश्वर यहोवा की किसी आज्ञा के विरुद्ध भूल से कुछ करके दोषी हो जाए,
- Verse 23: और उसका पाप उस पर प्रगट हो जाए, तो वह एक निर्दोष बकरा बलिदान करने के लिये ले आए;
- Verse 24: और बकरे के सिर पर अपना हाथ धरे, और बकरे को उस स्थान पर बलि करे जहाँ होमबलिपशु यहोवा के आगे बलि किये जाते हैं; यह पापबलि ठहरेगा।
- Verse 25: तब याजक अपनी उंगली से पापबलिपशु के लहू में से कुछ लेकर होमबलि की वेदी के सींगों पर लगाए, और उसका लहू होमबलि की वेदी के पाए पर उंडेल दे।
- Verse 26: और वह उसकी कुल चरबी को मेलबलि की चरबी के समान वेदी पर जलाए; और याजक उसके पाप के विषय में प्रायश्चित्त करे, तब वह क्षमा किया जाएगा।
- Verse 27: “यदि साधारण लोगों में से कोई अज्ञानता से पाप करे, अर्थात् कोई ऐसा काम जिसे यहोवा ने मना किया हो करके दोषी हो, और उसका वह पाप उस पर प्रगट हो जाए,
- Verse 28: तो वह उस पाप के कारण एक निर्दोष बकरी बलिदान के लिये ले आए;
- Verse 29: और वह अपना हाथ पापबलिपशु के सिर पर रखे, और होमबलि के स्थान पर पापबलिपशु का बलिदान करे।
- Verse 30: और याजक उसके लहू में से अपनी उंगली से कुछ लेकर होमबलि की वेदी के सींगों पर लगाए, और उसके सब लहू को उसी वेदी के पाए पर उंडेल दे।
- Verse 31: और वह उसकी सब चरबी को मेलबलिपशु की चरबी के समान अलग करे, तब याजक उसको वेदी पर यहोवा के निमित्त सुखदायक सुगन्ध के लिये जलाए; और इस प्रकार याजक उसके लिये प्रायश्चित्त करे, तब उसे क्षमा मिलेगी।
- Verse 32: “यदि वह पापबलि के लिये एक भेड़ी का बच्चा ले आए, तो वह निर्दोष मादा हो,
- Verse 33: और वह अपना हाथ पापबलिपशु के सिर पर रखे, और उसको पापबलि के लिये वहीं बलिदान करे जहाँ होमबलिपशु बलि किया जाता है।
- Verse 34: तब याजक अपनी उंगली से पापबलि के लहू में से कुछ लेकर होमबलि की वेदी के सींगों पर लगाए, और उसके सब लहू को वेदी के पाए पर उंडेल दे।
- Verse 35: और वह उसकी सब चरबी को मेलबलिवाले भेड़ के बच्चे की चरबी के समान अलग करे, और याजक उसे वेदी पर यहोवा के हवनों के ऊपर जलाए; और इस प्रकार याजक उसके पाप के लिये प्रायश्चित्त करे, और वह क्षमा किया जाएगा।