P. O. C ബൈബിള്
पुराना नियम
1 इतिहास
अध्याय 10
- Verse 1: पलिश्ती इस्राएलियों से लड़े; और इस्राएली पलिश्तियों के सामने से भागे, और गिलबो नामक पहाड़ पर मारे गए।
- Verse 2: पर पलिश्ती शाऊल और उसके पुत्रों के पीछे लगे रहे, और पलिश्तियों ने शाऊल के पुत्र योनातान, अबीनादाब और मल्कीश को मार डाला।
- Verse 3: शाऊल के साथ घमासान युद्ध होता रहा और धनुर्धारियों ने उसे जा लिया, और वह उनके कारण व्याकुल हो गया।
- Verse 4: तब शाऊल ने अपने हथियार ढोनेवाले से कहा, “अपनी तलवार खींचकर मुझे भोंक दे, कहीं ऐसा न हो कि वे खतनारहित लोग आकर मेरा ठट्ठा करें;” परन्तु उसके हथियार ढोनेवाले ने भयभीत होकर ऐसा करने से इन्कार किया। तब शाऊल अपनी तलवार खड़ी करके उस पर गिर पड़ा।
- Verse 5: यह देखकर कि शाऊल मर गया है उसका हथियार ढोनेवाला भी अपनी तलवार पर आप गिरकर मर गया।
- Verse 6: यों शाऊल और उसके तीनों पुत्र, और उसके घराने के सब लोग एक संग मर गए।
- Verse 7: यह देखकर कि वे भाग गए, और शाऊल और उसके पुत्र मर गए, उस तराई में रहनेवाले सब इस्राएली मनुष्य अपने अपने नगर को छोड़कर भाग गए; और पलिश्ती आकर उनमें रहने लगे।
- Verse 8: दूसरे दिन जब पलिश्ती मारे गए लोगों के माल को लूटने आए, तब उनको शाऊल और उसके पुत्र गिलबो पहाड़ पर पड़े हुए मिले।
- Verse 9: तब उन्होंने उसके वस्त्रों को उतार उसका सिर और हथियारों को ले लिया और पलिश्तियों के देश के सब स्थानों में दूतों को इसलिये भेजा कि उनके देवताओं और साधारण लोगों में यह शुभ समाचार देते जाएँ।
- Verse 10: तब उन्होंने उसके हथियार अपने देवालय में रखे, और उसकी खोपड़ी को दागोन के मन्दिर में लटका दिया।
- Verse 11: जब गिलाद के याबेश के सब लोगों ने सुना कि पलिश्तियों ने शाऊल से क्या क्या किया है।
- Verse 12: तब सब शूरवीर चले और शाऊल और उसके पुत्रों के शवों को उठाकर याबेश में ले आए, और उनकी हड्डियों को याबेश में एक बांज वृक्ष के नीचे गाड़ दिया और सात दिन तक उपवास किया।
- Verse 13: यों शाऊल उस विश्वासघात के कारण मर गया, जो उसने यहोवा से किया था; क्योंकि उसने यहोवा का वचन टाल दिया था, फिर उसने भूतसिद्धि करनेवाली से पूछकर सम्मति ली थी।
- Verse 14: उसने यहोवा से न पूछा था, इसलिये यहोवा ने उसे मारकर राज्य को यिशै के पुत्र दाऊद को दे दिया।