ಕನ್ನಡ ಸತ್ಯವೇದವು
पुराना नियम
2 राजाओं
अध्याय 24
- Verse 1: उसके दिनों में बेबीलोन के राजा नबूकदनेस्सर ने चढ़ाई की और यहोयाकीम तीन वर्ष तक उसके अधीन रहा, तब उसने फिरकर उससे विद्रोह किया।
- Verse 2: तब यहोवा ने उसके विरुद्ध और यहूदा को नष्ट करने के लिये कसदियों, अरामियों, मोआबियों और अम्मोनियों के दल भेजे, यह यहोवा के उस वचन के अनुसार हुआ, जो उसने अपने दास भविष्यद्वक्ताओं के द्वारा कहा था।
- Verse 3: नि:सन्देह यह यहूदा पर यहोवा की आज्ञा से हुआ, ताकि वह उनको अपने सामने से दूर करे। यह मनश्शे के सब पापों के कारण हुआ,
- Verse 4: और निर्दोषों के उस खून के कारण जो उसने किया था; क्योंकि उसने यरूशलेम को निर्दोषों के खून से भर दिया था, जिसको यहोवा ने क्षमा करना न चाहा।
- Verse 5: यहोयाकीम के और सब काम जो उसने किए, वह क्या यहूदा के राजाओं के इतिहास की पुस्तक में नहीं लिखे हैं?
- Verse 6: अन्त में यहोयाकीम अपने पुरखाओं के संग सो गया और उसका पुत्र यहोयाकीन उसके स्थान पर राजा हुआ।
- Verse 7: मिस्र का राजा अपने देश से बाहर फिर कभी न आया, क्योंकि बेबीलोन के राजा ने मिस्र के नाले से लेकर फरात महानद तक जितना देश मिस्र के राजा का था, सब को अपने वश में कर लिया था।
- Verse 8: जब यहोयाकीन राज्य करने लगा, तब वह अठारह वर्ष का था, और तीन महीने तक यरूशलेम में राज्य करता रहा। उसकी माता का नाम नहुश्ता था, जो यरूशलेम के एलनातान की बेटी थी।
- Verse 9: उसने ठीक अपने पिता के समान वह किया, जो यहोवा की दृष्टि में बुरा है।
- Verse 10: उसके दिनों में बेबीलोन के राजा नबूकदनेस्सर के कर्मचारियों ने यरूशलेम पर चढ़ाई करके नगर को घेर लिया।
- Verse 11: जब बेबीलोन के राजा नबूकदनेस्सर के कर्मचारी नगर को घेरे हुए थे, तब वह आप वहाँ आ गया।
- Verse 12: तब यहूदा का राजा यहोयाकीन अपनी माता और कर्मचारियों, हाकिमों और खोजों को संग लेकर बेबीलोन के राजा के पास गया, और बेबीलोन के राजा ने अपने राज्य के आठवें वर्ष में उनको पकड़ लिया।
- Verse 13: तब उसने यहोवा के भवन में और राजभवन में रखा हुआ पूरा धन वहाँ से निकाल लिया और सोने के जो पात्र इस्राएल के राजा सुलैमान ने बनाकर यहोवा के मन्दिर में रखे थे, उन सभों को उसने टुकड़े टुकड़े कर डाला, जैसा कि यहोवा ने कहा था।
- Verse 14: फिर वह पूरे यरूशलेम को अर्थात् सब हाकिमों और सब धनवानों को जो मिलकर दस हज़ार थे, और सब कारीगरों और लोहारों को बन्दी बना कर ले गया, यहाँ तक कि साधारण लोगों में से कंगालों को छोड़ और कोई न रह गया।
- Verse 15: वह यहोयाकीन को बेबीलोन में ले गया और उसकी माता और स्त्रियों और खोजों को और देश के बड़े लोगों को वह बन्दी बना कर यरूशलेम से बेबीलोन को ले गया।
- Verse 16: सब धनवान जो सात हज़ार थे, और कारीगर और लोहार जो मिलकर एक हज़ार थे, और वे सब वीर और युद्ध के योग्य थे, उन्हें बेबीलोन का राजा बन्दी बना कर बेबीलोन को ले गया।
- Verse 17: बेबीलोन के राजा ने उसके स्थान पर उसके चाचा मत्तन्याह को राजा नियुक्त किया और उसका नाम बदलकर सिदकिय्याह रखा।
- Verse 18: जब सिदकिय्याह राज्य करने लगा, तब वह इक्कीस वर्ष का था, और यरूशलेम में ग्यारह वर्ष तक राज्य करता रहा। उसकी माता का नाम हमूतल था, जो लिब्नावासी यिर्मयाह की बेटी थी।
- Verse 19: उसने ठीक यहोयाकीम की लीक पर चलकर वही किया जो यहोवा की दृष्टि में बुरा है।
- Verse 20: क्योंकि यहोवा के कोप के कारण यरूशलेम और यहूदा की ऐसी दशा हुई, कि अन्त में उसने उनको अपने सामने से दूर किया।