ಕನ್ನಡ ಸತ್ಯವೇದವು
पुराना नियम
भजन संहिता
अध्याय 120
- Verse 1: संकट के समय मैं ने यहोवा को पुकारा, और उसने मेरी सुन ली।
- Verse 2: हे यहोवा, झूठ बोलनेवाले मुँह से और छली जीभ से मेरी रक्षा कर।
- Verse 3: हे छली जीभ, तुझ को क्या मिले? और तेरे साथ और क्या अधिक किया जाए?
- Verse 4: वीर के नोकीले तीर और झाऊ के अंगारे!
- Verse 5: हाय, हाय, क्योंकि मुझे मेशेक में परदेशी होकर रहना पड़ा और केदार के तम्बुओं में बसना पड़ा है!
- Verse 6: बहुत समय से मुझ को मेल के बैरियों के साथ बसना पड़ा है।
- Verse 7: मैं तो मेल चाहता हूँ; परन्तु मेरे बोलते ही, वे लड़ना चाहते हैं!