ಕನ್ನಡ ಸತ್ಯವೇದವು
पुराना नियम
यहोशू
अध्याय 15
1 : यहूदियों के गोत्र का भाग उनके कुलों के अनुसार चिट्ठी डालने से एदोम की सीमा तक, और दक्षिण की ओर सीन के जंगल तक जो दक्षिणी सीमा पर है ठहरी।
2 : उनके भाग की दक्षिणी सीमा खारे ताल के उस सिरेवाले कोल से आरम्भ हुई जो दक्षिण की ओर बढ़ी है;
3 : और वह अक्रब्बीम नामक चढ़ाई के दक्षिणी ओर से निकलकर सीन होते हुए कादेशबर्ने के दक्षिण की ओर को चढ़ गयी, फिर हेस्रोन के पास हो अद्दार को चढ़कर कर्काआ की ओर मुड़ गयी,
4 : वहाँ से अम्मोन होते हुए वह मिस्र के नाले पर निकली, और उस सीमा का अन्त समुद्र हुआ। तुम्हारी दक्षिणी सीमा यही होगी।
5 : फिर पूर्वी सीमा यरदन के मुहाने तक खारा ताल ही ठहरी, और उत्तर दिशा की सीमा यरदन के मुहाने के पास के ताल के कोल से आरम्भ करके,
6 : बेथोग्ला को चढ़ते हुए बेतराबा की उत्तर की ओर होकर रूबेनी बोहन नामक पत्थर तक चढ़ गयी;
7 : और वही सीमा आकोर नामक तराई से दबीर की ओर चढ़ गयी, और उत्तर होते हुए गिलगाल की ओर झुकी जो तराई के दक्षिणी ओर की अदुम्मीम की चढ़ाई के सामने है; वहाँ से वह एनशेमेश नामक सोते के पास पहुँचकर एनरोगेल पर निकली;
8 : फिर वही सीमा हिन्नोम के पुत्र की तराई से होकर यबूस (जो यरूशलेम कहलाता है) के दक्षिण की ओर से चढ़ते हुए उस पहाड़ की चोटी पर पहुँची, जो पश्चिम की ओर हिन्नोम की तराई के सामने और रपाईम की तराई के उत्तरवाले सिरे पर है;
9 : फिर वही सीमा उस पहाड़ की चोटी से नेप्तोह नामक सोते को चली गयी, और एप्रोन पहाड़ के नगरों पर निकली; फिर वहाँ से बाला को (जो किर्यत्यारीम भी कहलाता है) पहुँची;
10 : फिर वह बाला से पश्चिम की ओर मुड़कर सेईर पहाड़ तक पहुँची और यारीम पहाड़ (जो कसालोन भी कहलाता है) उसके उत्तरी ओर से होकर बेतशेमेश को उतर गयी, और वहाँ से तिम्ना पर निकली;
11 : वहाँ से वह सीमा एक्रोन के उत्तरी ओर के पास होते हुए शिक्करोन गयी, और बाला पहाड़ होकर यब्नेल पर निकली; और उस सीमा का अन्त समुद्र का तट हुआ।
12 : और पश्चिम की सीमा महासमुद्र का तट ठहरी। यहूदियों को जो भाग उनके कुलों के अनुसार मिला उसके चारों ओर की सीमा यही हुई।
13 : यपुन्ने के पुत्र कालेब को उसने यहोवा की आज्ञा के अनुसार यहूदियों के बीच भाग दिया, अर्थात् किर्यतर्बा जो हेब्रोन भी कहलाता है (वह अर्बा अनाक का पिता था)।
14 : और कालेब ने वहाँ से शेशै, अहीमन, और तल्मै नामक अनाक के तीनों पुत्रों को निकाल दिया।
15 : फिर वहाँ से वह दबीर के निवासियों पर चढ़ गया; पूर्वकाल में तो दबीर का नाम किर्यत्सेपेर था।
16 : और कालेब ने कहा, “जो किर्यत्सेपेर को मारकर ले ले उससे मैं अपनी बेटी अकसा का विवाह कर दूँगा।”
17 : तब कालेब के भाई कनजी के पुत्र ओत्नीएल ने उसे ले लिया; और उस ने उससे अपनी बेटी अकसा का विवाह कर दिया।
18 : जब वह उसके पास आई, तब उसने उसको पिता से कुछ भूमि माँगने को उभारा, फिर वह अपने गदहे पर से उतर पड़ी, और कालेब ने उससे पूछा, “तू क्या चाहती है?”
19 : वह बोली, “मुझे आशीर्वाद दे; तू ने मुझे दक्खिन देश में की कुछ भूमि तो दी है, मुझे जल के सोते भी दे।” तब उसने ऊपर के सोते, नीचे के सोते, दोनों उसे दिए।
20 : यहूदियों के गोत्र का भाग तो उनके कुलों के अनुसार यही ठहरा।
21 : यहूदियों के गोत्र के किनारेवाले नगर दक्खिन देश में एदोम की सीमा की ओर ये हैं, अर्थात् कबसेल, एदेर यागूर,
25 : हासोर्हदत्ता, करिय्योथेस्रोन, (जो हासोर भी कहलाता है),
27 : हसर्गद्दा, हेशमोन, बेत्पालेत,
28 : हसर्शूआल, बेर्शेबा, बिज्योत्या,
32 : लबाओत, शिल्हीम, ऐन, और रिम्मोन; ये सब नगर उन्तीस हैं, और इनके गाँव भी हैं।
33 : नीचे के देश में ये हैं : अर्थात् एशताओल, सोरा, अशना,
34 : जानोह, एनगन्नीम, तप्पूह, एनाम,
35 : यर्मूत, अदुल्लाम, सोको, अजेका,
36 : शारैम, अदीतैम, गदेरा, और गदेरोतैम; ये सब चौदह नगर हैं, और इनके गाँव भी हैं।
37 : फिर सनान, हदाशा, मिगदलगाद,
41 : गदेरोत, बेतदागोन, नामा, और मक्केदा; ये सोलह नगर हैं, और इनके गाँव भी हैं।
44 : कीला, अकजीब और मारेशा; ये नौ नगर हैं, और इनके गाँव भी हैं।
45 : फिर नगरों और गाँवों समेत एक्रोन,
46 : और एक्रोन से लेकर समुद्र तक, अपने अपने गाँवों समेत जितने नगर अशदोद की ओर हैं।
47 : फिर अपने अपने नगरों और गाँवों समेत अशदोद, और अज्जा, वरन् मिस्र के नाले तक और महासमुद्र के तट तक जितने नगर हैं।
48 : पहाड़ी देश में ये हैं : अर्थात् शामीर, यत्तीर, सोको,
49 : दन्ना, किर्यत्सन्ना (जो दबीर भी कहलाता है),
51 : गोशेन, होलोन, और गीलो; ये ग्यारह नगर हैं, और इनके गाँव भी हैं।
53 : यानीम, बेत्तप्पूह, अपेका,
54 : हुमता, किर्यतर्बा (जो हेब्रोन भी कहलाता है, और सीओर); ये नौ नगर हैं, और इनके गाँव भी हैं।
55 : फिर माओन, कर्मेल, जीप, यूता,
57 : कैन, गिबा, और तिम्ना; ये दस नगर हैं, और इनके गाँव भी हैं।
59 : मरात, बेतनोत, और एलतकोन; ये छ: नगर हैं, और इनके गाँव भी हैं।
60 : फिर किर्यतबाल (जो किर्यत्यारीम भी कहलाता है), और रब्बा; ये दो नगर हैं, और इनके गाँव भी हैं।
61 : जंगल में ये नगर हैं : अर्थात् बेतराबा, मिद्दीन, सकाका;
62 : निबशान, लोनवाला नगर, और एनगदी, ये छ: नगर हैं, और इनके गाँव भी हैं।
63 : यरूशलेम के निवासी यबूसियों को यहूदी न निकाल सके; इसलिये आज के दिन तक यबूसी यहूदियों के संग यरूशलेम में रहते हैं।