पवित्र बाइबिल
पुराना नियम
गिनती
अध्याय 21
- Verse 1: तब अराद का कनानी राजा, जो दक्खिन देश में रहता था,यह सुनकर कि जिस मार्ग से वे भेदिये आए थे उसी मार्ग से अब इस्राएली आ रहे हैं, इस्राएल से लड़ा, और उनमें से कितनों को बन्धुआ कर लिया।
- Verse 2: तब इस्राएलियों ने यहोवा से यह कहकर मन्नत मानी, “यदि तू सचमुच उन लोगों को हमारे वश में कर दे, तो हम उनके नगरों का सत्यानाश कर देंगे।”
- Verse 3: इस्राएल की यह बात सुनकर यहोवा ने कनानियों को उनके वश में कर दिया; अत: उन्होंने उनके नगरों समेत उनका भी सत्यानाश किया; इस से उस स्थान का नाम होर्मा रखा गया।
- Verse 4: फिर उन्होंने होर पहाड़ से कूच करके लाल समुद्र का मार्ग लिया कि एदोम देश से बाहर बाहर घूमकर जाएँ; और लोगों का मन मार्ग के कारण बहुत व्याकुल हो गया।
- Verse 5: इसलिये वे परमेश्वर के विरुद्ध बात करने लगे, और मूसा से कहा, “तुम लोग हम को मिस्र से जंगल में मरने के लिये क्यों ले आए हो? यहाँ न तो रोटी है, और न पानी, और हमारे प्राण इस निकम्मी रोटी से दु:खित हैं।”
- Verse 6: अत: यहोवा ने उन लोगों में तेज विषवाले* साँप भेजे, जो उनको डसने लगे, और बहुत से इस्राएली मर गए।
- Verse 7: तब लोग मूसा के पास जाकर कहने लगे, “हम ने पाप किया है क्योंकि हम ने यहोवा के और तेरे विरुद्ध बातें की हैं; यहोवा से प्रार्थना कर कि वह साँपों को हम से दूर करे।” तब मूसा ने उनके लिये प्रार्थना की।
- Verse 8: यहोवा ने मूसा से कहा, “एक तेज विषवाले साँप की प्रतिमा बनवाकर खम्भे पर लटका; तब जो साँप से डसा हुआ उसको देख ले वह जीवित बचेगा।”
- Verse 9: अत: मूसा ने पीतल का एक साँप बनवाकर खम्भे पर लटकाया; तब साँप के डसे हुओं में से जिस जिस ने उस पीतल के साँप की ओर देखा वह जीवित बच गया।
- Verse 10: फिर इस्राएलियों ने कूच करके ओबोत में डेरे डाले।
- Verse 11: और ओबोत से कूच करके अबारीम नामक डीहों में डेरे डाले, जो पूरब की ओर मोआब के सामने के जंगल में है।
- Verse 12: वहाँ से कूच करके उन्होंने जेरेद नामक नाले में डेरे डाले।
- Verse 13: वहाँ से कूच करके उन्होंने अर्नोन नदी, जो जंगल में बहती और एमोरियों के देश से निकलती है, उसकी परली ओर डेरे खड़े किए; क्योंकि अर्नोन मोआबियों और एमोरियों के बीच होकर मोआब देश की सीमा ठहरी है।
- Verse 14: इस कारण यहोवा के संग्राम नामक पुस्तक में इस प्रकार लिखा है : “सूपा में बाहेब, और अर्नोन की घाटी
- Verse 15: और उन घाटियों की ढलान जो आर नामक नगर की ओर है, और जो मोआब की सीमा पर है।”
- Verse 16: फिर वहाँ से कूच करके वे बैर तक गए; वहाँ वही कुआँ है जिसके विषय में यहोवा ने मूसा से कहा था, “उन लोगों को इकट्ठा कर, और मैं पानी दूँगा।”
- Verse 17: उस समय इस्राएल ने यह गीत गाया : “हे कुएँ उमड़ आ, उस कुएँ के विषय में गाओ!
- Verse 18: जिसको हाकिमों ने खोदा, और इस्राएल के रईसों ने अपने सोंटों और लाठियों से खोद लिया।” फिर वे जंगल से मत्ताना को,
- Verse 19: और मत्ताना से नहलीएल को, और नहलीएल से बामोत को,
- Verse 20: और बामोत से कूच करके उस तराई तक जो मोआब के मैदान में है, और पिसगा के उस सिरे तक भी जो यशीमोन की ओर झुका है पहुँच गए।
- Verse 21: तब इस्राएल ने एमोरियों के राजा सीहोन के पास दूतों से यह कहला भेजा,
- Verse 22: “हमें अपने देश में से होकर जाने दे; हम मुड़कर किसी खेत या दाख की बारी में न जाएँगे; न किसी कुएँ का पानी पीएँगे; और जब तक तेरे देश से बाहर न हो जाएँ तब तक सड़क ही से चले जाएँगे।”
- Verse 23: तौभी सीहोन ने इस्राएल को अपने देश से होकर जाने न दिया; वरन् अपनी सारी सेना को इकट्ठा करके इस्राएल का सामना करने को जंगल में निकल आया, और यहस को आकर उनसे लड़ा।
- Verse 24: तब इस्राएलियों ने उसको तलवार से मार लिया, और अर्नोन से यब्बोक नदी तक, जो अम्मोनियों की सीमा थी, उसके देश के अधिकारी हो गए; अम्मोनियों की सीमा दृढ़ थी।
- Verse 25: इसलिये इस्राएल ने एमोरियों के सब नगरों को ले लिया, और उनमें, अर्थात् हेशबोन और उसके आस पास के नगरों में रहने लगे।
- Verse 26: हेशबोन एमोरियों के राजा सीहोन का नगर था; उसने मोआब के अगले राजा से लड़ के उसका सारा देश अर्नोन तक उसके हाथ से छीन लिया था।
- Verse 27: इस कारण गूढ़ बात के कहनेवाले कहते हैं : “हेशबोन में आओ, सीहोन का नगर बसे, और दृढ़ किया जाए।
- Verse 28: क्योंकि हेशबोन से आग, अर्थात् सीहोन के नगर से लौ निकली; जिससे मोआब देश का आर नगर, और अर्नोन के ऊँचे स्थानों के स्वामी भस्म हुए।
- Verse 29: हे मोआब, तुझ पर हाय! कमोश देवता की प्रजा नष्ट हुई, उसने अपने बेटों को भगेड़ू, और अपनी बेटियों को एमोरी राजा सीहोन की दासी कर दिया।
- Verse 30: हम ने उन्हें गिरा दिया है, हेशबोन दीबोन तक नष्ट हो गया है, और हम ने नोपह और मेदबा तक भी उजाड़ दिया है।”
- Verse 31: इस प्रकार इस्राएल एमोरियों के देश में रहने लगा।
- Verse 32: तब मूसा ने याजेर नगर का भेद लेने को भेजा; और उन्होंने उसके गाँवों को ले लिया, और वहाँ के एमोरियों को उस देश से निकाल दिया।
- Verse 33: तब वे मुड़के बाशान के मार्ग से जाने लगे; और बाशान के राजा ओग ने उनका सामना किया, अर्थात् लड़ने को अपनी सारी सेना समेत एद्रेई में निकल आया।
- Verse 34: तब यहोवा ने मूसा से कहा, “उससे मत डर; क्योंकि मैं उसको सारी सेना और देश समेत तेरे हाथ में कर देता हूँ; और जैसा तू ने एमोरियों के राजा हेशबोनवासी सीहोन के साथ किया है, वैसा ही उसके साथ भी करना।”
- Verse 35: तब उन्होंने उसको, और उसके पुत्रों और सारी प्रजा को यहाँ तक मारा कि उसका कोई भी न बचा; और वे उसके देश के अधिकारी हो गए।