पवित्र बाइबिल
पुराना नियम
2 इतिहास
अध्याय 15
- Verse 1: तब परमेश्वर का आत्मा ओदेद के पुत्र अजर्याह में समा गया,
- Verse 2: और वह आसा से भेंट करने निकला, और उससे कहा, “हे आसा, और हे सारे यहूदा और बिन्यामीन, मेरी सुनो, जब तक तुम यहोवा के संग रहोगे तब तक वह तुम्हारे संग रहेगा; और यदि तुम उसकी खोज में लगे रहो, तब तो वह तुम से मिला करेगा, परन्तु यदि तुम उसको त्याग दोगे तो वह भी तुम को त्याग देगा।
- Verse 3: बहुत दिन इस्राएल बिना सत्य परमेश्वर के और बिना सिखानेवाले याजक के और बिना व्यवस्था के रहा।
- Verse 4: परन्तु जब जब वे संकट में पड़कर इस्राएल के परमेश्वर यहोवा की ओर फिरे और उसको ढूँढ़ा, तब तब वह उनको मिला।
- Verse 5: उस समय न तो जानेवाले को कुछ शांति होती थी, और न आनेवाले को, वरन् सारे देश के सब निवासियों में बड़ा ही कोलाहल होता था।
- Verse 6: जाति से जाति और नगर से नगर चूर किए जाते थे, क्योंकि परमेश्वर नाना प्रकार का कष्ट देकर उन्हें घबरा देता था।
- Verse 7: परन्तु तुम लोग हियाव बाँधो और तुम्हारे हाथ ढीले न पड़ें, क्योंकि तुम्हारे काम का बदला मिलेगा।”
- Verse 8: जब आसा ने ये वचन और ओदेद नबी की नबूवत सुनी, तब उसने हियाव बाँधकर यहूदा और बिन्यामीन के सारे देश में से, और उन नगरों में से भी जो उसने एप्रैम के पहाड़ी देश में ले लिये थे, सब घिनौनी वस्तुएँ दूर कीं, और यहोवा की जो वेदी यहोवा के ओसारे के सामने थी, उसको नये सिरे से बनाया।
- Verse 9: उसने सारे यहूदा और बिन्यामीन को, और एप्रैम, मनश्शे और शिमोन में से जो लोग उसके संग रहते थे, उनको इकट्ठा किया, क्योंकि वे यह देखकर कि उसका परमेश्वर यहोवा उसके संग रहता है, इस्राएल में से बहुत से उसके पास चले आए थे।
- Verse 10: आसा के राज्य के पंद्रहवें वर्ष के तीसरे महीने में वे यरूशलेम में इकट्ठा हुए।
- Verse 11: उसी समय उन्होंने उस लूट में से जो वे ले आए थे, सात सौ बैल और सात हज़ार भेड़–बकरियाँ, यहोवा को बलि करके चढ़ाईं।
- Verse 12: उन्होंने वाचा बाँधी कि हम अपने पूरे मन और सारे जीव से अपने पूर्वजों के परमेश्वर यहोवा की खोज करेंगे;
- Verse 13: और क्या बड़ा क्या छोटा, क्या स्त्री क्या पुरुष, जो कोई इस्राएल के परमेश्वर यहोवा की खोज न करे, वह मार डाला जाएगा।
- Verse 14: उन्होंने जय जयकार के साथ तुरहियाँ और नरसिंगे बजाते हुए ऊँचे शब्द से यहोवा की शपथ खाई।
- Verse 15: यह शपथ खाकर सब यहूदी आनन्दित हुए, क्योंकि उन्होंने अपने सारे मन से शपथ खाई और बड़ी अभिलाषा से उसको ढूँढ़ा और वह उनको मिला, और यहोवा ने चारों ओर से उन्हें विश्राम दिया।
- Verse 16: आसा राजा की माता माका जिसने अशेरा के पास रखने के लिये एक घिनौनी मूरत बनाई, उसको उसने राजमाता के पद से उतार दिया; और आसा ने उसकी मूरत काटकर पीस डाली और किद्रोन नाले में फूँक दी।
- Verse 17: ऊँचे स्थान तो इस्राएलियों में से न ढाए गए, तौभी आसा का मन जीवन भर निष्कपट रहा।
- Verse 18: उसने जो सोना चाँदी, और पात्र उसके पिता ने अर्पण किए थे, और जो उसने आप अर्पण किए थे, उनको परमेश्वर के भवन में पहुँचा दिया।
- Verse 19: राजा आसा के राज्य के पैंतीसवें वर्ष तक फिर लड़ाई न हुई।