P. O. C ബൈബിള്
पुराना नियम
अय्यूब
अध्याय 40
- Verse 1: फिर यहोवा ने अय्यूब से यह भी कहा :
- Verse 2: “क्या जो बकवास करता है वह सर्वशक्तिमान से झगड़ा करे? जो परमेश्वर से विवाद करता है वह इसका उत्तर दे।”
- Verse 3: तब अय्यूब ने यहोवा को उत्तर दिया,
- Verse 4: “देख, मैं तो तुच्छ हूँ, मैं तुझे क्या उत्तर दूँ? मैं अपनी अंगुली दाँत तले दबाता हूँ।
- Verse 5: एक बार तो मैं कह चुका, परन्तु और कुछ न कहूँगा : हाँ दो बार भी मैं कह चुका, परन्तु अब कुछ और आगे न बढ़ूँगा।”
- Verse 6: तब यहोवा ने अय्यूब को आँधी में से यह उत्तर दिया,
- Verse 7: “पुरुष के समान अपनी कमर बाँध ले, मैं तुझ से प्रश्न करता हूँ, और तू मुझे बता।
- Verse 8: क्या तू मेरा न्याय भी व्यर्थ ठहराएगा? क्या तू आप निर्दोष ठहरने की मनसा से मुझ को दोषी ठहराएगा?
- Verse 9: क्या तेरा बाहुबल परमेश्वर के तुल्य है? क्या तू उसकी–सी बोली से गरज सकता है?
- Verse 10: “अब अपने को महिमा और प्रताप से सँवार और ऐश्वर्य और तेज के वस्त्र पहिन ले।
- Verse 11: अपने अति क्रोध की बाढ़ को बहा दे, और एक एक घमण्डी को देखते ही उसे नीचा कर।
- Verse 12: हर एक घमण्डी को देखकर झुका दे, और दुष्ट लोगों को जहाँ खड़े हों वहाँ से गिरा दे।
- Verse 13: उनको एक संग मिट्टी में मिला दे, और उस गुप्त स्थान में उनके मुँह बाँध दे।
- Verse 14: तब मैं भी तेरे विषय में मान लूँगा, कि तेरा ही दाहिना हाथ तेरा उद्धार कर सकता है।
- Verse 15: “उस जलगज को देख, जिसको मैं ने तेरे साथ बनाया है, वह बैल के समान घास खाता है।
- Verse 16: देख उसकी कटि में बल है, और उसके पेट के पट्ठों में उसकी सामर्थ्य रहती है।
- Verse 17: वह अपनी पूँछ को देवदार के समान हिलाता है; उसकी जाँघों की नसें एक दूसरे से मिली हुई हैं।
- Verse 18: उसकी हड्डियाँ मानो पीतल की नलियाँ हैं, उसकी पसलियाँ मानो लोहे के बेंड़े हैं।
- Verse 19: “वह परमेश्वर का मुख्य कार्य है; जो उसका सिरजनहार हो उसके निकट तलवार लेकर आए!
- Verse 20: निश्चय पहाड़ों पर उसका चारा मिलता है, जहाँ और सब वनपशु कलोल करते हैं।
- Verse 21: वह कमल के पौधों के नीचे रहता, और नरकटों की आड़ में और कीच पर लेटा करता है।
- Verse 22: कमल के पौधे उस पर छाया करते हैं, वह नाले के बेंत के वृक्षों से घिरा रहता है।
- Verse 23: चाहे नदी की बाढ़ भी हो तौभी वह न घबराएगा, चाहे यरदन भी बढ़कर उसके मुँह तक आए परन्तु वह निर्भय रहेगा।
- Verse 24: जब वह चौकस हो तब क्या कोई उसको पकड़ सकेगा, या फन्दे लगाकर उसको नाथ सकेगा?