पवित्र बाइबिल
पुराना नियम
व्यवस्थाविवरण
अध्याय 6
- Verse 1: “यह वह आज्ञा, और वे विधियाँ और नियम हैं जो तुम्हें सिखाने की तुम्हारे परमेश्वर यहोवा ने आज्ञा दी है, कि तुम उन्हें उस देश में मानो जिसके अधिकारी होने को पार जाने पर हो;
- Verse 2: और तू और तेरा बेटा और तेरा पोता यहोवा का भय मानते हुए उसकी उन सब विधियों और आज्ञाओं पर, जो मैं तुझे सुनाता हूँ, अपने जीवन भर चलते रहें, जिससे तू बहुत दिन तक बना रहे।
- Verse 3: हे इस्राएल, सुन, और ऐसा ही करने की चौकसी कर; इसलिये कि तेरा भला हो, और तेरे पितरों के परमेश्वर यहोवा के वचन के अनुसार उस देश में जहाँ दूध और मधु की धाराएँ बहती हैं तुम बहुत हो जाओ।
- Verse 4: “हे इस्राएल, सुन, यहोवा हमारा परमेश्वर है, यहोवा एक ही है;
- Verse 5: तू अपने परमेश्वर यहोवा से अपने सारे मन, और सारे जीव, और सारी शक्ति के साथ प्रेम रखना।
- Verse 6: और ये आज्ञाएँ जो मैं आज तुझ को सुनाता हूँ वे तेरे मन में बनी रहें;
- Verse 7: और तू इन्हें अपने बाल–बच्चों को समझाकर सिखाया करना, और घर में बैठे, मार्ग पर चलते, लेटते, उठते, इनकी चर्चा किया करना।
- Verse 8: और इन्हें अपने हाथ पर चिह्न के रूप में बाँधना, और ये तेरी आँखों के बीच टीके का काम दें।
- Verse 9: और इन्हें अपने अपने घर के चौखट की बाजुओं और अपने फाटकों पर लिखना।
- Verse 10: “जब तेरा परमेश्वर यहोवा तुझे उस देश में पहुँचाए जिसके विषय में उसने अब्राहम, इसहाक, और याक़ूब नामक तेरे पूर्वजों से तुझे देने की शपथ खाई, और जब वह तुझ को बड़े बड़े और अच्छे नगर, जो तू ने नहीं बनाए,
- Verse 11: और अच्छे अच्छे पदार्थों से भरे हुए घर जो तू ने नहीं भरे, और खुदे हुए कुएँ, जो तू ने नहीं खोदे, और दाख की बारियाँ और जैतून के वृक्ष, जो तू ने नहीं लगाए, ये सब वस्तुएँ जब वह दे, और तू खाके तृप्त हो,
- Verse 12: तब सावधान रहना, कहीं ऐसा न हो कि तू यहोवा को भूल जाए, जो तुझे दासत्व के घर अर्थात् मिस्र देश से निकाल लाया है।
- Verse 13: अपने परमेश्वर यहोवा का भय मानना; उसी की सेवा करना, और उसी के नाम की शपथ खाना।
- Verse 14: तुम पराए देवताओं के, अर्थात् अपने चारों ओर के देशों के लोगों के देवताओं के पीछे न हो लेना;
- Verse 15: क्योंकि तेरा परमेश्वर यहोवा जो तेरे बीच में है वह जल उठनेवाला ईश्वर है; कहीं ऐसा न हो कि तेरे परमेश्वर यहोवा का कोप तुझ पर भड़के, और वह तुझ को पृथ्वी पर से नष्ट कर डाले।
- Verse 16: “तुम अपने परमेश्वर यहोवा की परीक्षा न करना, जैसे कि तुम ने मस्सा में उसकी परीक्षा की थी।
- Verse 17: अपने परमेश्वर यहोवा की आज्ञाओं, चेतावनियों और विधियों को जो उसने तुझ को दी हैं, सावधानी से मानना।
- Verse 18: और जो काम यहोवा की दृष्टि में ठीक और सुहावना है वही किया करना, जिससे कि तेरा भला हो, और जिस उत्तम देश के विषय में यहोवा ने तेरे पूर्वजों से शपथ खाई उसमें तू प्रवेश करके उसका अधिकारी हो जाए;
- Verse 19: कि तेरे सब शत्रु तेरे सामने से दूर कर दिए जाएँ, जैसा कि यहोवा ने कहा था।
- Verse 20: “फिर आगे को जब तेरा लड़का तुझ से पूछे, ‘ये चेतावनियाँ और विधि और नियम, जिनके मानने की आज्ञा हमारे परमेश्वर यहोवा ने तुम को दी है, इनका प्रयोजन क्या है?’
- Verse 21: तब अपने लड़के से कहना, ‘जब हम मिस्र में फ़िरौन के दास थे, तब यहोवा बलवन्त हाथ से हम को मिस्र में से निकाल ले आया;
- Verse 22: और यहोवा ने हमारे देखते मिस्र में फ़िरौन और उसके सारे घराने को दु:ख देनेवाले बड़े बड़े चिह्न और चमत्कार दिखाए;
- Verse 23: और हम को वह वहाँ से निकाल लाया, इसलिये कि हमें इस देश में पहुँचाकर, जिसके विषय में उसने हमारे पूर्वजों से शपथ खाई थी, इसको हमें सौंप दे।
- Verse 24: और यहोवा ने हमें ये सब विधियाँ पालन करने की आज्ञा दी, इसलिये कि हम अपने परमेश्वर यहोवा का भय मानें, और इस रीति सदैव हमारा भला हो, और वह हम को जीवित रखे, जैसा कि आज के दिन है।
- Verse 25: और यदि हम अपने परमेश्वर यहोवा की दृष्टि में उसकी आज्ञा के अनुसार इन सारे नियमों के मानने में चौकसी करें, तो यह हमारे लिये धर्म ठहरेगा।’