पवित्र बाइबिल
पुराना नियम
भजन संहिता
अध्याय 7
1 : हे मेरे परमेश्वर यहोवा, मेरा भरोसा तुझ पर है; सब पीछा करनेवालों से मुझे बचा और छुटकारा दे,
2 : ऐसा न हो कि वे मुझ को सिंह के समान फाड़कर टुकड़े टुकड़े कर डालें; और कोई मेरा छुड़ानेवाला न हो।
3 : हे मेरे परमेश्वर यहोवा, यदि मैं ने यह किया हो, यदि मेरे हाथों से कुटिल काम हुआ हो,
4 : यदि मैं ने अपने मेल रखनेवालों से भलाई के बदले बुराई की हो, या मैं ने उसको जो अकारण मेरा बैरी था लूटा है,
5 : तो शत्रु मेरे प्राण का पीछा करके मुझे आ पकड़े, और मेरे प्राण को भूमि पर रौंदे, और मेरी महिमा को मिट्टी में मिला दे। (सेला)
6 : हे यहोवा, अपने क्रोध में उठ; क्रोध से भरे मेरे सतानेवाले के विरुद्ध तू खड़ा हो जा; मेरे लिये जाग! तू ने न्याय की आज्ञा दे दी है।
7 : देश देश के लोगों की मण्डली तेरे चारों ओर हो; और तू उनके ऊपर से होकर ऊँचे स्थानों पर लौट जा।
8 : यहोवा जाति जाति का न्याय करता है; यहोवा मेरे धर्म और खराई के अनुसार मेरा न्याय चुका दे।
9 : भला हो कि दुष्टों की बुराई का अन्त हो जाए, परन्तु धर्म को तू स्थिर कर; क्योंकि धर्मी परमेश्वर मन और मर्म का ज्ञाता है।
10 : मेरी ढाल परमेश्वर के हाथ में है, वह सीधे मनवालों को बचाता है।
11 : परमेश्वर धर्मी और न्यायी है, वरन् ऐसा ईश्वर है जो प्रतिदिन क्रोध करता है।
12 : यदि मनुष्य न फिरे तो वह अपनी तलवार पर सान चढ़ाएगा; वह अपना धनुष चढ़ाकर तीर सन्धान चुका है;
13 : और उस मनुष्य के लिये उसने मृत्यु के हथियार तैयार कर लिए हैं : वह अपने तीरों को अग्निबाण बनाता है।
14 : देख, दुष्ट को अनर्थ काम की पीड़ाएँ हो रही हैं, उसको उत्पात का गर्भ है, और उससे झूठ का जन्म हुआ।
15 : उसने गड़हा खोदकर उसे गहिरा किया, और जो खाई उसने बनाई थी उस में वह आप ही गिरा।
16 : उसका उत्पात पलट कर उसी के सिर पर पड़ेगा; और उसका उपद्रव उसी के माथे पर पड़ेगा।
17 : मैं यहोवा के धर्म के अनुसार उसका धन्यवाद करूँगा, और परमप्रधान यहोवा के नाम का भजन गाऊँगा।