ಕನ್ನಡ ಸತ್ಯವೇದವು
पुराना नियम
यहेजकेल
अध्याय 30
- Verse 1: फिर यहोवा का यह वचन मेरे पास पहुँचा :
- Verse 2: “हे मनुष्य के सन्तान, भविष्यद्वाणी करके कह, परमेश्वर यहोवा यों कहता है : हाय, हाय करो, हाय उस दिन पर!
- Verse 3: क्योंकि वह दिन अर्थात् यहोवा का दिन निकट है; वह बादलों का दिन, और जातियों के दण्ड का समय होगा।
- Verse 4: मिस्र में तलवार चलेगी, और जब मिस्र में लोग मारे जाकर गिरेंगे, तब कूश में भी संकट पड़ेगा, लोग मिस्र को लूट ले जाएँगे, और उसकी नींवें उलट दी जाएँगी।
- Verse 5: कूश, पूत, लूद और सब दोगले, और कूब लोग, और वाचा बाँधे हुए देश के निवासी, मिस्रियों के संग तलवार से मारे जाएँगे।
- Verse 6: “यहोवा यों कहता है : मिस्र के संभालने वाले भी गिर जाएँगे, और अपनी जिस सामर्थ पर मिस्री फूलते हैं, वह टूटेगी; मिग्दोल से लेकर सवेने तक उसके निवासी तलवार से मारे जाएँगे, परमेश्वर यहोवा की यही वाणी है।
- Verse 7: वे उजड़े हुए देशों के बीच उजड़े ठहरेंगे, और उनके नगर खण्डहर किए हुए नगरों में गिने जाएँगे।
- Verse 8: जब मैं मिस्र में आग लगाऊँगा और उसके सब सहायक नष्ट होंगे, तब वे जान लेंगे कि मैं यहोवा हूँ।
- Verse 9: “उस समय मेरे सामने से दूत जहाजों पर चढ़कर निडर निकलेंगे और कूशियों को डराएँगे; और उन पर ऐसा संकट पड़ेगा जैसा कि मिस्र के दण्ड के समय; क्योंकि देख, वह दिन आता है!
- Verse 10: “परमेश्वर यहोवा यों कहता है : मैं बेबीलोन के राजा नबूकदनेस्सर के हाथ से मिस्र की भीड़–भाड़ का नाश करा दूँगा।
- Verse 11: वह अपनी प्रजा समेत, जो सब जातियों में भयानक है, उस देश का नाश करने को पहुँचाया जाएगा; और वे मिस्र के विरुद्ध तलवार खींचकर देश को मरे हुओं से भर देंगे।
- Verse 12: मैं नदियों को सुखा डालूँगा, और देश को बुरे लोगों के हाथ कर दूँगा; और मैं परदेशियों के द्वारा देश को, और जो कुछ उसमें है, उजाड़ करा दूँगा; मुझ यहोवा ही ने यह कहा है।
- Verse 13: “परमेश्वर यहोवा यों कहता है : मैं नोप में से मूरतों का नाश करूँगा और उस में की मूरतों को रहने न दूँगा; फिर कोई प्रधान मिस्र देश में न उठेगा; और मैं मिस्र देश में भय उपजाऊँगा।
- Verse 14: मैं पत्रोस को उजाड़ूँगा, और सोअन में आग लगाऊँगा, और नो को दण्ड दूँगा।
- Verse 15: सीन जो मिस्र का दृढ़ स्थान है, उस पर मैं अपनी जलजलाहट भड़काऊँगा, और नो की भीड़–भाड़ का अन्त कर डालूँगा।
- Verse 16: मैं मिस्र में आग लगाऊँगा; सीन बहुत थरथराएगा; और नो फाड़ा जाएगा और नोप के विरोधी दिन दहाड़े उठेंगे।
- Verse 17: आवेन और पीवेसेत के जवान तलवार से गिरेंगे, और ये नगर बँधुआई में चले जाएँगे।
- Verse 18: जब मैं मिस्रियों के जुओं को तहपन्हेस में तोड़ूँगा, तब उसमें दिन को अन्धेरा होगा, और उसकी सामर्थ जिस पर वह फूलता है, वह नष्ट हो जाएगी; उस पर घटा छा जाएगी और उसकी बेटियाँ बँधुआई में चली जाएँगी।
- Verse 19: इस प्रकार मैं मिस्रियों को दण्ड दूँगा। तब वे जान लेंगे कि मैं यहोवा हूँ।”
- Verse 20: फिर ग्यारहवें वर्ष के पहले महीने के सातवें दिन को यहोवा का यह वचन मेरे पास पहुँचा :
- Verse 21: “हे मनुष्य के सन्तान, मैं ने मिस्र के राजा फ़िरौन की भुजा तोड़ दी है; और देख, न तो वह जोड़ी गई, न उस पर लेप लगाकर पट्टी चढ़ाई गई कि वह बाँधने से तलवार पकड़ने के योग्य बन सके।
- Verse 22: इसलिये प्रभु यहोवा यों कहता है : देख; मैं मिस्र के राजा फ़िरौन के विरुद्ध हूँ, और उसकी अच्छी और टूटी दोनों भुजाओं को तोड़ूँगा; और तलवार को उसके हाथ से गिराऊँगा।
- Verse 23: मैं मिस्रियों को जाति जाति में तितर–बितर करूँगा, और देश देश में छितराऊँगा।
- Verse 24: मैं बेबीलोन के राजा की भुजाओं को बली करके अपनी तलवार उसके हाथ में दूँगा; परन्तु फ़िरौन की भुजाओं को तोड़ूँगा, और वह उसके सामने ऐसा कराहेगा जैसा मरनेवाला घायल कराहता है।
- Verse 25: मैं बेबीलोन के राजा की भुजाओं को सम्भालूँगा, और फ़िरौन की भुजाएँ ढीली पड़ेंगी, तब वे जानेंगे कि मैं यहोवा हूँ। जब मैं बेबीलोन के राजा के हाथ में अपनी तलवार दूँगा, तब वह उसे मिस्र देश पर चलाएगा;
- Verse 26: और मैं मिस्रियों को जाति जाति में तितर–बितर करूँगा और देश देश में छितरा दूँगा। तब वे जान लेंगे कि मैं यहोवा हूँ।”