పరిశుద్ధ గ్రంథము
पुराना नियम
मीका
अध्याय 6
- Verse 1: जो बात यहोवा कहता है, उसे सुनो : उठकर, पहाड़ों के सामने वादविवाद कर, और टीले भी तेरी सुनने पाएँ।
- Verse 2: हे पहाड़ो, और हे पृथ्वी की अटल नींव, यहोवा का वादविवाद सुनो, क्योंकि यहोवा का अपनी प्रजा के साथ मुक़द्दमा है, और वह इस्राएल से वादविवाद करता है।
- Verse 3: “हे मेरी प्रजा, मैं ने तेरा क्या बिगाड़ा है? क्या करके मैं ने तुझे उकता दिया है?
- Verse 4: मेरे विरुद्ध साक्षी दे! मैं तो तुझे मिस्र देश से निकाल ले आया, और दासत्व के घर में से तुझे छुड़ा लाया; और तेरी अगुवाई करने को मूसा, हारून और मरियम को भेज दिया।
- Verse 5: हे मेरी प्रजा, स्मरण कर, कि मोआब के राजा बालाक ने तेरे विरुद्ध कौन सी युक्ति की, और बोर के पुत्र बिलाम ने उसको क्या सम्मति दी, और शित्तीम से गिलगाल तक की बातों का स्मरण कर, जिससे तू यहोवा के धर्म के काम समझ सके।”
- Verse 6: “मैं क्या लेकर यहोवा के सम्मुख आऊँ, और ऊपर रहनेवाले परमेश्वर के सामने झुकूँ? क्या मैं होमबलि के लिये एक एक वर्ष के बछड़े लेकर उसके सम्मुख आऊँ?
- Verse 7: क्या यहोवा हज़ारों मेढ़ों से, या तेल की लाखों नदियों से प्रसन्न होगा? क्या मैं अपने अपराध के प्रायश्चित्त में अपने पहिलौठे को या अपने पाप के बदले में अपने जन्माए हुए किसी को दूँ?”
- Verse 8: हे मनुष्य, वह तुझे बता चुका है कि अच्छा क्या है; और यहोवा तुझ से इसे छोड़ और क्या चाहता है, कि तू न्याय से काम करे, और कृपा से प्रीति रखे, और अपने परमेश्वर के साथ नम्रता से चले?
- Verse 9: यहोवा इस नगर को पुकार रहा है, और सम्पूर्ण ज्ञान तेरे नाम का भय मानना है : राज–दण्ड की, और जो उसे देनेवाला है उसकी बात सुनो!
- Verse 10: क्या अब तक दुष्ट के घर में दुष्टता से पाया हुआ धन और छोटा एपा घृणित नहीं है?
- Verse 11: क्या मैं कपट का तराजू और घटबढ़ के बटखरों की थैली लेकर पवित्र ठहर सकता हूँ?
- Verse 12: यहाँ के धनवान् लोग उपद्रव का काम देखा करते हैं; और यहाँ के सब रहनेवाले झूठ बोलते हैं और उनके मुँह से छल की बातें निकलती हैं।
- Verse 13: इस कारण मैं तुझे मारते मारते बहुत ही घायल करता हूँ, और तेरे पापों के कारण तुझ को उजाड़ डालता हूँ।
- Verse 14: तू खाएगा, परन्तु तृप्त न होगा, तेरा पेट जलता ही रहेगा; और तू अपनी सम्पत्ति लेकर चलेगा, परन्तु न बचा सकेगा, और जो कुछ तू बचा भी ले, उसको मैं तलवार चलाकर लुटवा दूँगा।
- Verse 15: तू बोएगा, परन्तु लवेगा नहीं; तू जैतून का तेल निकालेगा, परन्तु लगाने न पाएगा; और दाख रौंदेगा, परन्तु दाखमधु पीने न पाएगा।
- Verse 16: क्योंकि वे ओम्री की विधियों पर, और अहाब के घराने के सब कामों पर चलते हैं; और तुम उनकी युक्तियों के अनुसार चलते हो; इसलिये मैं तुझे उजाड़ दूँगा, और इस नगर के रहनेवालों पर ताली बजवाऊँगा, और तुम मेरी प्रजा की नामधराई सहोगे।