पवित्र बाइबिल
पुराना नियम
उत्पत्ति
अध्याय 23
- Verse 1: सारा एक सौ सत्ताईस वर्ष की अवस्था को पहुँची; और जब सारा की इतनी आयु हुई,
- Verse 2: तब वह किर्यतर्बा में मर गई। यह कनान देश में है, और हेब्रोन भी कहलाता है। इसलिये अब्राहम सारा के लिये रोने पीटने को वहाँ गया।
- Verse 3: तब अब्राहम शव के पास से उठकर हित्तियों से कहने लगा,
- Verse 4: “मैं तुम्हारे बीच अतिथि और परदेशी हूँ; मुझे अपने मध्य में कब्रिस्तान के लिये ऐसी भूमि दो जो मेरी निज की हो जाए, कि मैं अपने मृतक को गाड़कर अपनी आँख की ओट करूँ।”
- Verse 5: हित्तियों ने अब्राहम से कहा,
- Verse 6: “हे हमारे प्रभु, हमारी सुन; तू तो हमारे बीच में बड़ा प्रधान है। हमारी क़ब्रों में से जिसको तू चाहे उसमें अपने मृतक को गाड़; हम में से कोई तुझे अपनी क़ब्र के लेने से न रोकेगा, कि तू अपने मृतक को उस में गाड़ने न पाए।”
- Verse 7: तब अब्राहम उठकर खड़ा हुआ, और हित्तियों के सम्मुख, जो उस देश के निवासी थे, दण्डवत् करके कहने लगा,
- Verse 8: “यदि तुम्हारी यह इच्छा हो कि मैं अपने मृतक को गाड़कर अपनी आँख की ओट करूँ, तो मेरी प्रार्थना है कि सोहर के पुत्र एप्रोन से मेरे लिये विनती करो,
- Verse 9: कि वह अपनी मकपेलावाली गुफ़ा, जो उसकी भूमि की सीमा पर है, उसका पूरा दाम लेकर मुझे दे दे, कि वह तुम्हारे बीच क़ब्रिस्तान के लिये मेरी निज भूमि हो जाए।”
- Verse 10: एप्रोन तो हित्तियों के बीच वहाँ बैठा हुआ था, इसलिये जितने हित्ती उसके नगर के फाटक से होकर भीतर जाते थे, उन सभों के सामने उसने अब्राहम को उत्तर दिया,
- Verse 11: “हे मेरे प्रभु, ऐसा नहीं, मेरी सुन; वह भू्मि मैं तुझे देता हूँ, और उसमें जो गुफ़ा है, वह भी मैं तुझे देता हूँ; अपने जातिभाइयों के सम्मुख मैं उसे तुझ को दिए देता हूँ; अत: अपने मृतक को क़ब्र में रख।”
- Verse 12: तब अब्राहम ने उस देश के निवासियों के सामने दण्डवत् किया।
- Verse 13: और उनके सुनते हुए एप्रोन से कहा, “यदि तू ऐसा चाहे, तो मेरी सुन : उस भूमि का जो दाम हो, वह मैं देना चाहता हूँ; उसे मुझ से ले ले, तब मैं अपने मृतक को वहाँ गाड़ूँगा।”
- Verse 14: एप्रोन ने अब्राहम को यह उत्तर दिया,
- Verse 15: “हे मेरे प्रभु, मेरी बात सुन; उस भूमि का दाम तो चार सौ शेकेल रूपा है; पर मेरे और तेरे बीच में यह क्या है? अपने मृतक को कब्र में रख।”
- Verse 16: अब्राहम ने एप्रोन की मानकर उसको उतना रूपा तौल दिया, जितना उसने हित्तियों के सुनते हुए कहा था, अर्थात् चार सौ ऐसे शेकेल जो व्यापारियों में चलते थे।
- Verse 17: इस प्रकार एप्रोन की भूमि, जो मम्रे के सम्मुख मकपेला में थी, वह गुफ़ा समेत और उन सब वृक्षों समेत भी जो उसमें और उसके चारों ओर सीमा पर थे,
- Verse 18: जितने हित्ती उसके नगर के फाटक से होकर भीतर जाते थे, उन सभों के सामने अब्राहम के अधिकार में पक्की रीति से आ गई।
- Verse 19: इसके पश्चात् अब्राहम ने अपनी पत्नी सारा को उस मकपेला वाली भूमि की गुफ़ा में, जो मम्रे के अर्थात् हेब्रोन के सामने कनान देश में है, मिट्टी दी।
- Verse 20: इस प्रकार वह भूमि गुफ़ा समेत जो उसमें थी, हित्तियों की ओर से कब्रिस्तान के लिये अब्राहम के अधिकार में पक्की रीति से आ गई।