పరిశుద్ధ గ్రంథము
पुराना नियम
भजन संहिता
अध्याय 24
- Verse 1: पृथ्वी और जो कुछ उस में है यहोवा ही का है, जगत और उस में निवास करनेवाले भी।
- Verse 2: क्योंकि उसी ने उसकी नींव समुद्रों के ऊपर दृढ़ करके रखी, और महानदों के ऊपर स्थिर किया है।
- Verse 3: यहोवा के पर्वत पर कौन चढ़ सकता है? और उसके पवित्रस्थान में कौन खड़ा हो सकता है?
- Verse 4: जिसके काम निर्दोष और हृदय शुद्ध है, जिसने अपने मन को व्यर्थ बात की ओर नहीं लगाया, और न कपट से शपथ खाई है।
- Verse 5: वह यहोवा की ओर से आशीष पाएगा, और अपने उद्धार करनेवाले परमेश्वर की ओर से धर्मी ठहरेगा।
- Verse 6: ऐसे ही लोग उसके खोजी हैं, वे तेरे दर्शन के खोजी याकूबवंशी हैं। (सेला)
- Verse 7: हे फाटको, अपने सिर ऊँचे करो! हे सनातन के द्वारो, ऊँचे हो जाओ! क्योंकि प्रतापी राजा प्रवेश करेगा।
- Verse 8: वह प्रतापी राजा कौन है? परमेश्वर जो सामर्थी और पराक्रमी है, परमेश्वर जो युद्ध में पराक्रमी है!
- Verse 9: हे फाटको, अपने सिर ऊँचे करो! हे सनातन के द्वारो, तुम भी खुल जाओ! क्योंकि प्रतापी राजा प्रवेश करेगा!
- Verse 10: वह प्रतापी राजा कौन है? सेनाओं का यहोवा, वही प्रतापी राजा है। (सेला)