ಕನ್ನಡ ಸತ್ಯವೇದವು
पुराना नियम
यहेजकेल
अध्याय 34
- Verse 1: यहोवा का यह वचन मेरे पास पहुँचा:
- Verse 2: “हे मनुष्य के सन्तान, इस्राएल के चरवाहों के विरुद्ध भविष्यद्वाणी करके उन चरवाहों से कह, परमेश्वर यहोवा यों कहता है : हाय इस्राएल के चरवाहों पर जो अपने अपने पेट भरते हैं! क्या चरवाहों को भेड़–बकरियों का पेट न भरना चाहिए?
- Verse 3: तुम लोग चर्बी खाते, ऊन पहिनते और मोटे मोटे पशुओं को काटते हो; परन्तु भेड़–बकरियों को तुम नहीं चराते।
- Verse 4: तुम ने बीमारों को बलवान न किया, न रोगियों को चंगा किया, न घायलों के घावों को बाँधा, न निकाली हुई को लौटा लाए, न खोई हुई को खोजा, परन्तु तुम ने बल और जबरदस्ती से अधिकार चलाया है।
- Verse 5: वे चरवाहे के न होने के कारण तितर–बितर हुईं; और सब वनपशुओं का आहार हो गईं।
- Verse 6: मेरी भेड़–बकरियाँ तितर–बितर हुई हैं; वे सारे पहाड़ों और ऊँचे ऊँचे टीलों पर भटकती थीं; मेरी भेड़–बकरियाँ सारी पृथ्वी के ऊपर तितर–बितर हुईं; और न तो कोई उनकी सुधि लेता था, न कोई उनको ढूँढ़ता था।
- Verse 7: “इस कारण, हे चरवाहो, यहोवा का वचन सुनो :
- Verse 8: परमेश्वर यहोवा की यह वाणी है, मेरे जीवन की सौगन्ध, मेरी भेड़–बकरियाँ जो लुट गईं, और मेरी भेड़–बकरियाँ जो चरवाहे के न होने के कारण सब वनपशुओं का आहार हो गईं; और इसलिये कि मेरे चरवाहों ने मेरी भेड़–बकरियों की सुधि नहीं ली, और मेरी भेड़–बकरियों का पेट नहीं, अपना ही अपना पेट भरा;
- Verse 9: इस कारण हे चरवाहो, यहोवा का वचन सुनो,
- Verse 10: परमेश्वर यहोवा यों कहता है : देखो, मैं चरवाहों के विरुद्ध हूँ; और मैं उनसे अपनी भेड़–बकरियों का लेखा लूँगा, और उनको फिर उन्हें चराने न दूँगा; वे फिर अपना अपना पेट भरने न पाएँगे। मैं अपनी भेड़–बकरियाँ उनके मुँह से छुड़ाऊँगा कि आगे को वे उनका आहार न हों।
- Verse 11: “क्योंकि परमेश्वर यहोवा यों कहता है : देखो, मैं आप ही अपनी भेड़–बकरियों की सुधि लूँगा, और उन्हें ढूँढ़ूँगा।
- Verse 12: जैसे चरवाहा अपनी भेड़–बकरियों में से भटकी हुई को फिर से अपने झुण्ड में बटोरता है, वैसे ही मैं भी अपनी भेड़–बकरियों को बटोरूँगा; मैं उन्हें उन सब स्थानों से निकाल ले आऊँगा, जहाँ जहाँ वे बादल और घोर अन्धकार के दिन तितर–बितर हो गई हों।
- Verse 13: मैं उन्हें देश देश के लोगों में से निकालूँगा, और देश देश से इकट्ठा करूँगा, और उन्हीं की निज भूमि में ले आऊँगा; और इस्राएल के पहाड़ों पर और नालों में और उस देश के सब बसे हुए स्थानों में चराऊँगा।
- Verse 14: मैं उन्हें अच्छी चराई में चराऊँगा, और इस्राएल के ऊँचे ऊँचे पहाड़ों पर उनको चराई मिलेगी; वहाँ वे अच्छी हरियाली में बैठा करेंगी, और इस्राएल के पहाड़ों पर उत्तम से उत्तम चराई चरेंगी।
- Verse 15: मैं आप ही अपनी भेड़–बकरियों का चरवाहा हूँगा, और मैं आप ही उन्हें बैठाऊँगा, परमेश्वर यहोवा की यही वाणी है।
- Verse 16: मैं खोई हुई को ढूँढ़ूँगा, और निकाली हुई को लौटा लाऊँगा, और घायल के घाव बाँधूँगा, और बीमार को बलवान् करूँगा और जो मोटी और बलन्वत हैं उन्हें मैं नष्ट करूँगा; मैं उनकी चरवाही न्याय से करूँगा।
- Verse 17: “हे मेरे झुण्ड, तुम से परमेश्वर यहोवा यों कहता है : देखो, मैं भेड़–भेड़ के बीच और मेढ़ों और बकरों के बीच न्याय करता हूँ।
- Verse 18: क्या तुम्हें यह छोटी बात जान पड़ती है कि तुम अच्छी चराई चर लो और शेष चराई को अपने पाँवों से रौंदो; और क्या तुम्हें यह छोटी बात जान पड़ती है कि तुम निर्मल जल पी लो और शेष जल को अपने पाँवों से गंदला करो?
- Verse 19: क्या मेरी भेड़–बकरियों को तुम्हारे पाँवों से रौंदे हुए को चरना, और तुम्हारे पाँवों से गंदले किए हुए को पीना पड़ेगा?
- Verse 20: “इस कारण परमेश्वर यहोवा उन से यों कहता है : देखो, मैं आप मोटी और दुबली भेड़–बकरियों के बीच न्याय करूँगा।
- Verse 21: तुम जो सब बीमारों को पाँजर और कन्धे से यहाँ तक ढकेलते और सींग से यहाँ तक मारते हो कि वे तितर–बितर हो जाती हैं,
- Verse 22: इस कारण मैं अपनी भेड़–बकरियों को छुड़ाऊँगा, और वे फिर न लुटेंगी, और मैं भेड़–भेड़ के और बकरी–बकरी के बीच न्याय करूँगा।
- Verse 23: मैं उन पर ऐसा एक चरवाहा ठहराऊँगा जो उनकी चरवाही करेगा, वह मेरा दास दाऊद होगा, वही उनको चराएगा, और वही उनका चरवाहा होगा।
- Verse 24: मैं, यहोवा, उनका परमेश्वर ठहरूँगा, और मेरा दास दाऊद उसके बीच प्रधान होगा; मुझ यहोवा ही ने यह कहा है।
- Verse 25: “मैं उनके साथ शान्ति की वाचा बाँधूँगा, और दुष्ट जन्तुओं को देश में न रहने दूँगा; अत: वे जंगल में निडर रहेंगे, और वन में सोएँगे।
- Verse 26: मैं उन्हें और अपनी पहाड़ी के आस पास के स्थानों को आशीष का कारण बना दूँगा; और मेंह को मैं ठीक समय में बरसाया करूँगा; और वे आशीषों की वर्षा होंगी।
- Verse 27: मैदान के वृक्ष फलेंगे और भूमि अपनी उपज उपजाएगी, और वे अपने देश में निडर रहेंगे; जब मैं उनके जूए को तोड़कर उन लोगों के हाथ से छुड़ाऊँगा, जो उन से सेवा कराते हैं, तब वे जान लेंगे कि मैं यहोवा हूँ।
- Verse 28: वे फिर जाति–जाति से लूटे न जाएँगे, और न वनपशु उन्हें फाड़ खाएँगे; वे निडर रहेंगे, और उनको कोई न डराएगा।
- Verse 29: मैं उनके लिये उपजाऊ बारी उपजाऊँगा, और वे देश में फिर भूखों न मरेंगे, और न जाति–जाति के लोग फिर उनकी निन्दा करेंगे।
- Verse 30: वे जानेंगे कि मैं परमेश्वर यहोवा, उनके संग हूँ, और वे जो इस्राएल का घराना हैं, वे मेरी प्रजा हैं, मुझ परमेश्वर यहोवा की यही वाणी है।
- Verse 31: तुम तो मेरी भेड़–बकरियाँ, मेरी चराई की भेड़–बकरियाँ हो, तुम तो मनुष्य हो, और मैं तुम्हारा परमेश्वर हूँ, परमेश्वर यहोवा की यही वाणी है।”