पवित्र बाइबिल
पुराना नियम
भजन संहिता
अध्याय 129
- Verse 1: इस्राएल अब यह कहे, “मेरे बचपन से लोग मुझे बार बार क्लेश देते आए हैं,
- Verse 2: मेरे बचपन से वे मुझ को बार बार क्लेश देते तो आए हैं, परन्तु मुझ पर प्रबल नहीं हुए।
- Verse 3: हलवाहों ने मेरी पीठ के ऊपर हल चलाया, और लम्बी लम्बी रेखाएँ कीं।”
- Verse 4: यहोवा धर्मी है; उसने दुष्टों के फन्दों को काट डाला है;
- Verse 5: जितने सिय्योन से बैर रखते हैं, उन सभों की आशा टूटे, और उनको पीछे हटना पड़े!
- Verse 6: वे छत पर की घास के समान हों, जो बढ़ने से पहले सूख जाती है;
- Verse 7: जिससे कोई लवने वाला अपनी मुट्ठी नहीं भरता, न पूलियों का कोई बाँधनेवाला अपनी अंकवार भर पाता है,
- Verse 8: और न आने–जानेवाले यह कहते हैं, “यहोवा की आशीष तुम पर होवे! हम तुम को यहोवा के नाम से आशीर्वाद देते हैं!”