P. O. C ബൈബിള്
पुराना नियम
यहेजकेल
अध्याय 23
- Verse 1: यहोवा का यह वचन मेरे पास पहुँचा:
- Verse 2: “हे मनुष्य के सन्तान, दो स्त्रियाँ थीं, जो एक ही माँ की बेटी थीं।
- Verse 3: वे अपने बचपन ही में वेश्या का काम मिस्र में करने लगीं; उनकी छातियाँ कुँवारपन में पहिले वहीं मींजी गईं और उनका मरदन भी हुआ।
- Verse 4: उन लड़कियों में से बड़ी का नाम ओहोला और उसकी बहिन का नाम ओहोलीबा था। वे मेरी हो गईं, और उनके पुत्र पुत्रियाँ उत्पन्न हुईं। उनके नामों के अनुसार ओहोला तो शोमरोन, और ओहोलीबा यरूशलेम है।
- Verse 5: “ओहोला जब मेरी थी, तब ही व्यभिचारिणी होकर अपने मित्रों पर मोहित होने लगी जो उसके पड़ोसी अश्शूरी थे।
- Verse 6: वे तो सब के सब नीले वस्त्र पहिननेवाले मनभावने जवान अधिपति और प्रधान थे, और घोड़ों पर सवार थे।
- Verse 7: इसलिये उसने उन्हीं के साथ व्यभिचार किया जो सब के सब सर्वोत्तम अश्शूरी थे; और जिस किसी पर वह मोहित हुई उसी की मूरतों से वह अशुद्ध हुई।
- Verse 8: जो व्यभिचार उसने मिस्र में सीखा था, उसको भी उसने न छोड़ा; क्योंकि बचपन में मनुष्यों ने उसके साथ कुकर्म किया, और उसकी छातियाँ मींजी, और तन–मन से उसके साथ व्यभिचार किया गया था।
- Verse 9: इस कारण मैं ने उसको उन्हीं अश्शूरी मित्रों के हाथ कर दिया जिन पर वह मोहित हुई थी।
- Verse 10: उन्होंने उसको नंगी किया; उसके पुत्र–पुत्रियाँ छीनकर उसको तलवार से घात किया; इस प्रकार उनके हाथ से दण्ड पाकर वह स्त्रियों में प्रसिद्ध हो गई।
- Verse 11: “उसकी बहिन ओहोलीबा ने यह देखा, तौभी वह मोहित होकर व्यभिचार करने में अपनी बहिन से भी अधिक बढ़ गई।
- Verse 12: वह अपने अश्शूरी पड़ोसियों पर मोहित होती थी, जो सब के सब अति सुन्दर वस्त्र पहिननेवाले और घोड़ों के सवार मनभावने, जवान अधिपति और सब प्रकार के प्रधान थे।
- Verse 13: तब मैं ने देखा कि वह भी अशुद्ध हो गई; उन दोनों बहिनों की एक ही चाल थी।
- Verse 14: परन्तु ओहोलीबा अधिक व्यभिचार करती गई; अत: जब उसने दीवार पर सेंदूर से खींचे हुए ऐसे कसदी पुरुषों के चित्र देखे
- Verse 15: जो कटि में फेंटे बाँधे हुए, सिर में छोर लटकती हुई रंगीली पगड़ियाँ पहिने हुए, और सब के सब अपनी कसदी जन्मभूमि अर्थात् बेबीलोन के लोगों की रीति पर प्रधानों का रूप धरे हुए थे,
- Verse 16: तब उनको देखते ही वह उन पर मोहित हुई और उनके पास कसदियों के देश में दूत भेजे।
- Verse 17: इसलिये बेबीलोन के लोग उसके पास पलंग पर आए, और उसके साथ व्यभिचार करके उसे अशुद्ध किया; और जब वह उनसे अशुद्ध हो गई, तब उसका मन उनसे फिर गया।
- Verse 18: तौभी जब वह तन उघाड़ती और व्यभिचार करती गई, तब मेरा मन जैसे उसकी बहिन से फिर गया था, वैसे ही उससे भी फिर गया।
- Verse 19: इस पर भी वह मिस्र देश के अपने बचपन के दिन स्मरण करके जब वह वेश्या का काम करती थी, और अधिक व्यभिचार करती गई;
- Verse 20: और ऐसे मित्रों पर मोहित हुई, जिनका अंग गदहों का सा, और वीर्य घोड़ों का सा था।
- Verse 21: तू इस प्रकार से अपने बचपन के उस समय के महापाप का स्मरण कराती है जब मिस्री लोग तेरी छातियाँ मींजते थे।”
- Verse 22: इस कारण हे ओहोलीबा, परमेश्वर यहोवा तुझ से यों कहता है : “देख, मैं तेरे मित्रों को उभारकर जिन से तेरा मन फिर गया चारों ओर से तेरे विरुद्ध ले आऊँगा।
- Verse 23: अर्थात् बेबीलोन वासियों और सब कसदियों को, और पकोद, शो और कोआ के लोगों को; और उनके साथ सब अश्शूरियों को लाऊँगा जो सब के सब घोड़ों के सवार मनभावने जवान अधिपति, और कई प्रकार के प्रतिनिधि, प्रधान और नामी पुरुष हैं।
- Verse 24: वे लोग हथियार, रथ, छकड़े और देश देश के लोगों का दल लिए हुए तुझ पर चढ़ाई करेंगे; और ढाल और फरी और टोप धारण किए हुए तेरे विरुद्ध चारों ओर पाँति बाँधेंगे; और मैं उन्हीं के हाथ न्याय का काम सौंपूँगा, और वे अपने अपने नियम के अनुसार तेरा न्याय करेंगे।
- Verse 25: मैं तुझ पर जलूँगा, जिस से वे जलजलाहट के साथ तुझ से बर्ताव करेंगे। वे तेरी नाक और कान काट लेंगे, और तेरा जो भी बचा रहेगा वह तलवार से मारा जाएगा। वे तेरे पुत्र–पुत्रियों को छीन ले जाएँगे, और तेरा जो भी बचा रहेगा, वह आग से भस्म हो जाएगा।
- Verse 26: वे तेरे वस्त्र भी उतारकर तेरे सुन्दर–सुन्दर गहने छीन ले जाएँगे।
- Verse 27: इस रीति से मैं तेरा महापाप और जो वेश्या का काम तू ने मिस्र देश में सीखा था, उसे भी तुझ से छुड़ाऊँगा, यहाँ तक कि तू अपनी आँख उनकी ओर न लगाएगी और न मिस्र देश को फिर स्मरण करेगी।
- Verse 28: क्योंकि प्रभु यहोवा तुझ से यों कहता है : देख, मैं तुझे उनके हाथ सौंपूँगा जिन से तू बैर रखती है और जिन से तेरा मन फिर गया है;
- Verse 29: और वे तुझ से बैर के साथ बर्ताव करेंगे, और तेरी सारी कमाई को उठा लेंगे, और तुझे नंगा करके छोड़ देंगे, और तेरे तन के उघाड़े जाने से तेरा व्यभिचार और महापाप प्रगट हो जाएगा।
- Verse 30: ये काम तुझ से इस कारण किए जाएँगे क्योंकि तू अन्यजातियों के पीछे व्यभिचारिणी के समान हो गई, और उनकी मूरतें पूजकर अशुद्ध हो गई है।
- Verse 31: तू अपनी बहिन की लीक पर चली है; इस कारण मैं तेरे हाथ में उसका सा कटोरा दूँगा।
- Verse 32: प्रभु यहोवा यों कहता है : अपनी बहिन के कटोरे से तुझे पीना पड़ेगा जो गहिरा और चौड़ा है; तू हँसी और ठट्ठों में उड़ाई जाएगी, क्योंकि उस कटोरे में बहुत कुछ समाता है।
- Verse 33: तू मतवालेपन और दु:ख से छक जाएगी। तू अपनी बहिन शोमरोन के कटोरे को, अर्थात् विस्मय और उजाड़ को पीकर छक जाएगी।
- Verse 34: उसमें से तू गार गारकर पीएगी, और उसके ठीकरों को भी चबाएगी और अपनी छातियाँ घायल करेगी; क्योंकि मैं ही ने ऐसा कहा है, प्रभु यहोवा की यही वाणी है।
- Verse 35: तू ने जो मुझे भुला दिया है और अपना मुँह मुझ से मोड़ लिया है, इसलिये तू आप ही अपने महापाप और व्यभिचार का भार उठा, परमेश्वर यहोवा का यही वचन है।”
- Verse 36: यहोवा ने मुझ से कहा : “हे मनुष्य के सन्तान, क्या तू ओहोला और ओहोलीबा का न्याय करेगा? तो फिर उसके घिनौने काम उन्हें जता दे।
- Verse 37: क्योंकि उन्होंने व्यभिचार किया है, और उनके हाथों में खून लगा है; उन्होंने अपनी मूरतों के साथ व्यभिचार किया, और अपने बच्चों को जो मुझसे उत्पन्न हुए थे, उन मूरतों के आगे भस्म होने के लिये चढ़ाए हैं।
- Verse 38: फिर उन्होंने मुझ से ऐसा बर्ताव भी किया कि उसी के साथ मेरे पवित्रस्थान को भी अशुद्ध किया और मेरे विश्रामदिनों को अपवित्र किया है।
- Verse 39: वे अपने बच्चों को अपनी मूरतों के सामने बलि चढ़ाकर उसी दिन मेरा पवित्रस्थान अपवित्र करने को उसमें घुसीं। देख, उन्होंने इस भाँति का काम मेरे भवन के भीतर किया है।
- Verse 40: उन्होंने दूर से पुरुषों को बुलवा भेजा, और वे चले भी आए। उनके लिये तू नहा धो, आँखों में अंजन लगा, गहिने पहिनकर;
- Verse 41: सुन्दर पलंग पर बैठी रही; और तेरे सामने एक मेज बिछी हुई थी, जिस पर तू ने मेरा धूप और मेरा तेल रखा था।
- Verse 42: तब उसके साथ निश्चिन्त लोगों की भीड़ का कोलाहल सुनाई पड़ा, और उन साधारण लोगों के पास जंगल से बुलाए हुए पियक्कड़ लोग भी थे; उन्होंने उन दोनों बहिनों के हाथों में चूड़ियाँ पहिनाईं, और उनके सिरों पर शोभायमान मुकुट रखे।
- Verse 43: “तब जो व्यभिचार करते करते बुढ़िया हो गई थी, उसके विषय मैं बोल उठा, अब तो वे उसी के साथ व्यभिचार करेंगे।
- Verse 44: क्योंकि वे उसके पास ऐसे गए जैसे लोग वेश्या के पास जाते हैं। वैसे ही वे ओहोला और ओहोलीबा नामक महापापिनी स्त्रियों के पास गए।
- Verse 45: अत: धर्मी लोग व्यभिचारिणियों और हत्यारों के योग्य उसका न्याय करें; क्योंकि वे व्यभिचारिणी हैं, और उनके हाथों में खून लगा है।”
- Verse 46: इस कारण परमेश्वर यहोवा यों कहता है : “मैं एक भीड़ से उन पर चढ़ाई कराकर उन्हें ऐसा करूँगा कि वे मारी मारी फिरेंगी और लूटी जाएँगी।
- Verse 47: उस भीड़ के लोग उन पर पथराव करके उन्हें अपनी तलवारों से काट डालेंगे; तब वे उनके पुत्र–पुत्रियों को घात करके उनके घर भी आग लगाकर फूँक देंगे।
- Verse 48: इस प्रकार मैं महापाप को देश में से दूर करूँगा, और सब स्त्रियाँ शिक्षा पाकर तुम्हारा सा महापाप करने से बची रहेंगी।
- Verse 49: तुम्हारा महापाप तुम्हारे ही सिर पड़ेगा; और तुम निश्चय अपनी मूरतों की पूजा के पापों का भार उठाओगे; और तब तुम जान लोगे कि मैं परमेश्वर यहोवा हूँ।”