पवित्र बाइबिल
पुराना नियम
1 शमूएल
अध्याय 24
- Verse 1: जब शाऊल पलिश्तियों का पीछा करके लौटा, तब उसको यह समाचार मिला, कि दाऊद एनगदी के जंगल में है।
- Verse 2: तब शाऊल समस्त इस्राएलियों में से तीन हज़ार को छाँटकर दाऊद और उसके जनों को ‘बनैले बकरों की चट्टानों’ पर खोजने गया।
- Verse 3: जब वह मार्ग पर के भेड़शालों के पास पहुँचा जहाँ एक गुफ़ा थी, तब शाऊल दिशा फिरने को उसके भीतर गया। उसी गुफ़ा के कोनों में दाऊद और उसके जन बैठे हुए थे।
- Verse 4: तब दाऊद के जनों ने उससे कहा, “सुन, आज वही दिन है जिसके विषय यहोवा ने तुझ से कहा था, ‘मैं तेरे शत्रु को तेरे हाथ में सौंप दूँगा, कि तू उससे मनमाना बर्ताव कर ले’।” तब दाऊद ने उठकर शाऊल के बागे की छोर को छिपकर काट लिया।
- Verse 5: इसके बाद दाऊद शाऊल के बागे की छोर काटने से पछताया।
- Verse 6: वह अपने जनों से कहने लगा, “यहोवा न करे कि मैं अपने प्रभु से जो यहोवा का अभिषिक्त है, ऐसा काम करूँ कि उस पर हाथ उठाऊँ, क्योंकि वह यहोवा का अभिषिक्त है।”
- Verse 7: ऐसी बातें कहकर दाऊद ने अपने जनों को समझाया, और उन्हें शाऊल पर आक्रमण करने को उठने न दिया। फिर शाऊल उठकर गुफ़ा से निकला और अपना मार्ग लिया।
- Verse 8: उसके बाद दाऊद भी उठकर गुफ़ा से निकला, और शाऊल को पीछे से पुकार कर बोला, “हे मेरे प्रभु, हे राजा।” जब शाऊल ने पीछे मुड़कर देखा, तब दाऊद ने भूमि की ओर सिर झुकाकर दण्डवत् की।
- Verse 9: और दाऊद ने शाऊल से कहा, “जो मनुष्य कहते हैं कि दाऊद तेरी हानि चाहता है उनकी तू क्यों सुनता है?
- Verse 10: देख, आज तू ने अपनी आँखों से देखा है कि यहोवा ने आज गुफ़ा में तुझे मेरे हाथ सौंप दिया था; और किसी किसी ने तो मुझ से तुझे मार डालने को कहा था, परन्तु मुझे तुझ पर तरस आया; और मैं ने कहा, ‘मैं अपने प्रभु पर हाथ न उठाऊँगा; क्योंकि वह यहोवा का अभिषिक्त है।’
- Verse 11: फिर, हे मेरे पिता, देख, अपने बागे की छोर मेरे हाथ में देख; मैं ने तेरे बागे की छोर तो काट ली, परन्तु तुझे घात न किया; इससे निश्चय करके जान ले, कि मेरे मन में कोई बुराई या अपराध का सोच नहीं है। मैं ने तेरे विरुद्ध कोई अपराध नहीं किया, परन्तु तू मेरा प्राण लेने को मानो उसका अहेर करता रहता है।
- Verse 12: यहोवा मेरा और तेरा न्याय करे, और यहोवा तुझ से मेरा बदला ले; परन्तु मेरा हाथ तुझ पर न उठेगा।
- Verse 13: प्राचीनों के नीति वचन के अनुसार : ‘दुष्टता दुष्टों से होती है;’ परन्तु मेरा हाथ तुझ पर न उठेगा।
- Verse 14: इस्राएल का राजा किसका पीछा करने को निकला है? और किसके पीछे पड़ा है? एक मरे कुत्ते के पीछे! एक पिस्सू के पीछे!
- Verse 15: इसलिये यहोवा न्यायी होकर मेरा तेरा विचार करे, और विचार करके मेरा मुक़द्दमा लड़े, और न्याय करके मुझे तेरे हाथ से बचाए।”
- Verse 16: जब दाऊद शाऊल से ये बातें कह चुका, तब शाऊल ने कहा, “हे मेरे बेटे दाऊद, क्या यह तेरा बोल है?” तब शाऊल चिल्लाकर रोने लगा।
- Verse 17: फिर उसने दाऊद से कहा, “तू मुझ से अधिक धर्मी है; तू ने तो मेरे साथ भलाई की है, परन्तु मैं ने तेरे साथ बुराई की।
- Verse 18: और तू ने आज यह प्रगट किया है, कि तू ने मेरे साथ भलाई की है, कि जब यहोवा ने मुझे तेरे हाथ में कर दिया, तब तू ने मुझे घात न किया।
- Verse 19: भला! क्या कोई मनुष्य अपने शत्रु को पाकर कुशल से जाने देता है? इसलिये जो तू ने आज मेरे साथ किया है, इसका अच्छा बदला यहोवा तुझे दे।
- Verse 20: और अब, मुझे मालूम हुआ है कि तू निश्चय राजा हो जाएगा, और इस्राएल का राज्य तेरे हाथ में स्थिर होगा।
- Verse 21: अब मुझ से यहोवा की शपथ खा, कि मैं तेरे वंश को तेरे बाद नष्ट न करूँगा, और तेरे पिता के घराने में से तेरा नाम मिटा न डालूँगा।”
- Verse 22: तब दाऊद ने शाऊल से ऐसी ही शपथ खाई। तब शाऊल अपने घर चला गया; और दाऊद अपने जनों समेत गढ़ों में चला गया।