P. O. C ബൈബിള്
पुराना नियम
2 शमूएल
अध्याय 10
- Verse 1: इसके बाद अम्मोनियों का राजा मर गया, और उसका हानून नामक पुत्र उसके स्थान पर राजा हुआ।
- Verse 2: तब दाऊद ने यह सोचा, “जैसे हानून के पिता नाहाश ने मुझ को प्रीति दिखाई थी, वैसे ही मैं भी हानून को प्रीति दिखाऊँगा।” तब दाऊद ने अपने कई कर्मचारियों को उसके पास उसके पिता के विषय शान्ति देने के लिये भेज दिया। दाऊद के कर्मचारी अम्मोनियों के देश में आए।
- Verse 3: परन्तु अम्मोनियों के हाकिम अपने स्वामी हानून से कहने लगे, “दाऊद ने जो तेरे पास शान्ति देनेवाले भेजे हैं, वह क्या तेरी समझ में तेरे पिता का आदर करने के विचार से भेजे हैं? क्या दाऊद ने अपने कर्मचारियों को तेरे पास इसी विचार से नहीं भेजा कि इस नगर में ढूँढ़ ढाँढ़ करके और इसका भेद लेकर इसको उलट दे?”
- Verse 4: इसलिये हानून ने दाऊद के कर्मचारियों को पकड़ा, और उनकी आधी–आधी दाढ़ी मुड़वाकर, और आधे वस्त्र, अर्थात् नितम्ब तक कटवाकर, उनको जाने दिया।
- Verse 5: इसका समाचार पाकर दाऊद ने लोगों को उनसे मिलने के लिये भेजा, क्योंकि वे बहुत लजाते थे। और राजा ने यह कहा, “जब तक तुम्हारी दाढ़ियाँ बढ़ न जाएँ तब तक यरीहो में ठहरे रहो, तब लौट आना।”
- Verse 6: जब अम्मोनियों ने देखा कि हम से दाऊद अप्रसन्न है, तब अम्मोनियों ने बेत्रहोब और सोबा के बीस हज़ार अरामी प्यादों को, और हज़ार पुरुषों समेत माका के राजा को, और बारह हज़ार तोबी पुरुषों को, वेतन पर बुलवाया।
- Verse 7: यह सुनकर दाऊद ने योआब और शूरवीरों की समस्त सेना को भेजा।
- Verse 8: तब अम्मोनी निकले और फाटक ही के पास पाँती बाँधी; और सोबा और रहोब के अरामी और तोब और माका के पुरुष उनसे अलग मैदान में थे।
- Verse 9: यह देखकर कि आगे पीछे दोनों ओर हमारे विरुद्ध पाँति बन्धी है, योआब ने सब बड़े बड़े इस्राएली वीरों में से बहुतों को छाँटकर अरामियों के सामने उनकी पाँति बन्धाई,
- Verse 10: और अन्य लोगों को अपने भाई अबीशै के हाथ सौंप दिया, और उसने अम्मोनियों के सामने उनकी पाँति बंधाई।
- Verse 11: फिर उसने कहा, “यदि अरामी मुझ पर प्रबल होने लगें, तो तू मेरी सहायता करना; और यदि अम्मोनी तुझ पर प्रबल होने लगेंगे, तो मैं आकर तेरी सहायता करूँगा।
- Verse 12: तू हियाव बाँध, और हम अपने लोगों और अपने परमेश्वर के नगरों के निमित्त पुरुषार्थ करें; और यहोवा जैसा उसको अच्छा लगे वैसा करे।”
- Verse 13: तब योआब और जो लोग उसके साथ थे अरामियों से युद्ध करने को निकट गए; और वे उसके सामने से भागे।
- Verse 14: यह देखकर कि अरामी भाग गए हैं अम्मोनी भी अबीशै के सामने से भागकर नगर के भीतर घुसे। तब योआब अम्मोनियों के पास से लौटकर यरूशलेम को आया।
- Verse 15: फिर यह देखकर कि हम इस्राएलियों से हार गए अरामी इकट्ठे हुए।
- Verse 16: और हददेजेर ने दूत भेजकर महानद के पार के अरामियों को बुलवाया; और वे हददेजेर के सेनापति शोबक को अपना प्रधान बनाकर हेलाम को आए।
- Verse 17: इसका समाचार पाकर दाऊद ने समस्त इस्राएलियों को इकट्ठा किया, और यरदन के पार होकर हेलाम में पहुँचा। तब अराम दाऊद के विरुद्ध पाँति बाँधकर उससे लड़ा।
- Verse 18: परन्तु अरामी इस्राएलियों के सामने से भागे, और दाऊद ने अरामियों में से सात सौ रथियों और चालीस हज़ार सवारों को मार डाला, और उनके सेनापति शोबक को ऐसा घायल किया कि वह वहीं मर गया।
- Verse 19: यह देखकर कि हम इस्राएल से हार गए हैं, जितने राजा हददेजेर के अधीन थे उन सभों ने इस्राएल के साथ संधि की, और उसके अधीन हो गए। इसलिये अरामी अम्मोनियों की और सहायता करने से डर गए।